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बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय — आधुनिक शैक्षिक गढ़

Banaras Hindu University — Modern Educational Citadel

बनारस हिंदू विश्वविद्यालय — आधुनिक शैक्षिक गढ़

पंडित मदन मोहन मालवीय द्वारा 1916 ईस्वी में स्थापित, बीएचयू एक साधारण शैक्षिक संस्थान की सीमाओं को पार करके भारत की बौद्धिक पुनर्जागरण का जीवंत प्रमाण बन गया है। मालवीय ने पश्चिमी शिक्षा के सर्वोत्तम तत्वों को भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों और आध्यात्मिक परंपराओं के साथ संयोजित करने वाली एक संस्था की कल्पना की थी। 1 फरवरी, 1916 को औपचारिक रूप से उद्घाटित, जिसमें महात्मा गांधी और एनी बेसेंट जैसे उपस्थित व्यक्ति थे, इमारतों को वास्तुकार सर स्विंटन जैकब द्वारा इंडो-सरैसेनिक शैली में डिजाइन किया गया था, जो नालंदा और तक्षशिला जैसे प्राचीन भारतीय विश्वविद्यालयों से प्रेरित था।

एक नजर में

1916
स्थापित
1,300
एकड़ परिसर
30,000+
छात्र
50+
प्रतिनिधित देश
140+
विभाग
12
एकड़ विश्वनाथ मंदिर परिसर
भारत का प्रमुख
आवासीय विश्वविद्यालय

परिसर की मुख्य विशेषताएं

🛕

नया विश्वनाथ मंदिर

मूल काशी विश्वनाथ से प्रेरित 12-एकड़ मंदिर परिसर। सभी धर्मों के लिए खुला — कोई जाति प्रतिबंध नहीं।

🎨

भारत कला भवन

भारत के प्रमुख कला संग्रहालयों में से एक — 4,000 वर्षों तक फैले संग्रह, जिसमें लघु चित्र, मूर्तियां और वस्त्र शामिल हैं।

🏥

आईएमएस-बीएचयू अस्पताल

चिकित्सा विज्ञान संस्थान — पूर्वी यूपी की सेवा करने वाला एक प्रमुख शिक्षण अस्पताल।

🔬

आईआईटी-बीएचयू

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान — भारत के शीर्ष इंजीनियरिंग स्कूलों में से एक, पूर्व में बनारस इंजीनियरिंग कॉलेज (1919)।

📚

संस्कृत कॉलेज

भारत के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित वैदिक और संस्कृत अध्ययन केंद्रों में से एक।

आंतरिक सुझाव

✅ मुख्य लंका गेट से प्रवेश करें। परिसर विशाल है — अंदर साइकिल रिक्शा किराए पर लें (₹50–100)।
✅ भारत कला भवन सोम–शनि, सुबह 10:30 – शाम 4:30 तक खुला है। ₹50 प्रवेश, ₹100 कैमरा के लिए।
✅ नया विश्वनाथ मंदिर में सूर्यास्त पर आरती एक शांत अनुभव है — मूल से बहुत कम भीड़।
✅ पेड़ों से घिरी परिसर की सड़कें सुबह की सैर या जॉग के लिए उत्तम हैं।
✅ बीएचयू कैंटीन का भोजन स्थानीय लोगों में प्रसिद्ध है — किसी भी परिसर कैंटीन में समोसे और चाय आजमाएं।

यात्रा की जानकारी

🕐 सर्वोत्तम समय

परिसर की सैर के लिए सुबह। संग्रहालय: सोम–शनि, सुबह 10:30 – शाम 4:30।

📍 कैसे पहुंचें

गोदौलिया से ऑटो (₹80, 20 मिनट)। लंका गेट मुख्य प्रवेश द्वार है।

🏛️ निकटवर्ती

संकट मोचन मंदिर (1.5किमी), अस्सी घाट (2किमी), दुर्गा मंदिर (2किमी)

सवाल-जवाब

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Banaras Hindu University (BHU) एक सार्वजनिक विश्वविद्यालय है, जिसकी स्थापना 1916 में हुई थी। यह एशिया के सबसे बड़े आवासीय विश्वविद्यालयों में से एक है और इसे भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित किया गया है।
Banaras Hindu University (BHU) के लिए CUET कट-ऑफ हर साल कार्यक्रम, छात्र की श्रेणी और प्रवेश परीक्षा में कुल प्रदर्शन जैसे कारकों के आधार पर भिन्न होती है। सामान्यतः, कट-ऑफ परिणाम घोषित होने के बाद घोषित की जाती है, और इसे बीएचयू के आधिकारिक प्रवेश पोर्टल या उनकी सूचनाओं के माध्यम से देखा जा सकता है।
आम तौर पर, Banaras Hindu University (BHU) की ट्यूशन फीस दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) की तुलना में कम होती है, जिससे यह कई छात्रों के लिए एक अधिक सस्ती विकल्प बन जाती है। हालांकि, कुल लागत विशेष कार्यक्रम और प्रत्येक शहर में रहने की लागत के आधार पर भिन्न हो सकती है।
हां, मुसलमान बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में शामिल हो सकते हैं। यह विश्वविद्यालय सभी धर्मों और पृष्ठभूमियों के छात्रों के लिए खुला है, और यह छात्रों को प्रवेश परीक्षा और अन्य मानदंडों के आधार पर लेता है।