त्योहार पंचांगवाराणसी
2026 के सभी पर्व, वाराणसी की तिथियों और मुहूर्त के साथ — अगला पर्व: दिवाली, 6–11 नवंबर।
25 पर्व3 आगामी8 बहु-दिवसीय
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आगे आने वाले पर्व — वहीं से शुरू कीजिए जहाँ शहर जा रहा है।
वर्ष की शुरुआती परतें
इस साल शहर जो मना चुका है — पंचांग की स्मृति भी उसकी लय का हिस्सा है।

चंद्रोदय समय
गुरु, 29 अक्टूबर
बीत गयाकरवा चौथ एक दिवसीय त्योहार है जिसमें विवाहित महिलाएँ अपने पति की दीर्घायु और समृद्धि के लिए सूर्योदय से चंद्रोदय तक व्रत रखती हैं।

विजय मुहूर्त
मंगल, 20 अक्टूबर
बीत गयाविजयदशमी (दशहरा) दशानन राक्षस राज रावण पर भगवान राम की विजय और महिषासुर पर देवी दुर्गा की विजय का उत्सव है।

घटस्थापना मुहूर्त
11–19 अक्टूबर9 दिन
बीत गयाशारदीय नवरात्रि सबसे प्रमुख नवरात्रि है, जो शरद ऋतु में आती है।

पूजा मुहूर्त
14–25 सितंबर10 दिन
बीत गयागणेश चतुर्थी ज्ञान, समृद्धि और नई शुरुआत के देवता, गजमुख भगवान गणेश के जन्म का उत्सव है।

निशीथ पूजा मुहूर्त
शुक्र, 4 सितंबर
बीत गयाकृष्ण जन्माष्टमी भगवान विष्णु के आठवें अवतार भगवान कृष्ण के जन्म का उत्सव है।

राखी बांधने का मुहूर्त
शुक्र, 28 अगस्त
बीत गयारक्षा बंधन भाई-बहन के पवित्र बंधन का उत्सव है।

बुध, 26 अगस्त
बीत गयाओणम केरल का सबसे बड़ा त्योहार है, जो पौराणिक राजा महाबलि के घर आगमन का उत्सव है।

नाग पंचमी पूजा मुहूर्त
सोम, 17 अगस्त
बीत गयानाग पंचमी नाग देवताओं की पूजा को समर्पित है।

निशिता काल पूजा (सावन शिवरात्रि)
30 जुलाई – 11 अगस्त13 दिन
बीत गयाश्रावण भर कांवरिये भगवा वस्त्रों में नंगे पाँव चलते हैं, सजी कांवर पर गंगाजल लेकर, जिसे सावन शिवरात्रि पर शिवलिंग पर अर्पित किया जाता है।

सोम, 24 अगस्त
बीत गयाश्रावण का हर सोमवार भगवान शिव को समर्पित है, और काशी में — उन्हीं की नगरी में — सावन सोमवार का व्रत काशी विश्वनाथ में वर्ष की सबसे लंबी दर्शन कतारें लाता है।

बुध, 29 जुलाई
बीत गयागुरु पूर्णिमा गुरु (आध्यात्मिक शिक्षक) का सम्मान करती है और वेदों के संकलनकर्ता महर्षि व्यास को समर्पित है।

16–24 जुलाई9 दिन
बीत गयाजगन्नाथ रथ यात्रा पुरी, ओडिशा में भगवान जगन्नाथ का भव्य रथ उत्सव है।

सोम, 25 मई
बीत गयागंगा दशहरा स्वर्ग से पृथ्वी पर पवित्र गंगा नदी के अवतरण का उत्सव है।

शुक्र, 1 मई
बीत गयाबुद्ध पूर्णिमा गौतम बुद्ध के जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण की स्मृति में मनाई जाती है।

पूजा मुहूर्त
रवि, 19 अप्रैल
बीत गयाअक्षय तृतीया हिंदू पंचांग के सबसे शुभ दिनों में से एक है।

गुरु, 2 अप्रैल
बीत गयाहनुमान जयंती भगवान राम के परम भक्त और शक्ति, साहस व भक्ति के प्रतीक भगवान हनुमान के जन्म का उत्सव है।

पूजा मुहूर्त (मध्याह्न)
गुरु, 26 मार्च
बीत गयाराम नवमी भगवान विष्णु के सातवें अवतार भगवान राम के जन्म का उत्सव है।

घटस्थापना मुहूर्त
19–26 मार्च9 दिन
बीत गयाचैत्र नवरात्रि हिंदू नव वर्ष की शुरुआत का प्रतीक है और देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों का उत्सव है।

होलिका दहन मुहूर्त
3–4 मार्च2 दिन
बीत गयाहोली बुराई पर अच्छाई की विजय का उत्सव है — राक्षसी होलिका का दहन और प्रह्लाद की भक्ति।

निशीथ काल पूजा
रवि, 15 फ़रवरी
बीत गयामहा शिवरात्रि, शिव की महान रात्रि, भगवान शिव को समर्पित सबसे पवित्र रात्रि है।

सरस्वती पूजा मुहूर्त
शुक्र, 23 जनवरी
बीत गयावसंत पंचमी बसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक है और ज्ञान, संगीत और कला की देवी सरस्वती को समर्पित है।

पुण्य काल
बुध, 14 जनवरी
बीत गयामकर संक्रांति सूर्य के मकर राशि में प्रवेश — उत्तरायण की शुरुआत का प्रतीक है।