काशी में आकार ले रही देश की पहली शहरी रोपवे, घाटों तक पहुँचना होगा और आसान
वाराणसी की सबसे महत्वाकांक्षी परिवहन परियोजनाओं में से एक धीरे-धीरे आकार ले रही है — काशी रोपवे, जिसे देश की पहली शहरी सार्वजनिक परिवहन रोपवे के रूप में तैयार किया जा रहा है। कैंट रेलवे स्टेशन क्षेत्र को गोदौलिया से जोड़ने के लिए बनाई जा रही करीब 3.75 किलोमीटर लंबी यह केबल-कार लाइन गोदौलिया — जो काशी विश्वनाथ धाम और घाटों के पास है — तक निवासियों और पर्यटकों दोनों को आवाजाही का एक नया, सहज साधन देगी। इसका आकर्षण सीधा है। कैंट और गोदौलिया के बीच का रास्ता व्यस्त समय में, ख़ासकर पर्व के दिनों में जब गलियाँ श्रद्धालुओं से भर जाती हैं, बेहद धीमा हो जाता है। ट्रैफ़िक के ऊपर से गुज़रती यह रोपवे इस सफ़र को लगभग एक घंटे से घटाकर करीब पंद्रह मिनट तक ला सकती है, और नीचे की सड़कों पर दबाव भी कम करेगी। 2026 के दौरान की ख़बरें बताती हैं कि परियोजना पूरी होने की ओर बढ़ रही है और मार्ग पर टावर व स्टेशन बन रहे हैं। यात्रियों के लिए यह घाटों तक पहुँचने का आसान और आरामदेह रास्ता होगा, और शहर के लिए एक स्वच्छ, कुशल परिवहन विकल्प, जो अपने ऐतिहासिक स्वरूप को सहेजते हुए काशी के आधुनिकीकरण से मेल खाता है। अगर यह अपने वादे पर खरी उतरी, तो बनारस की छतों के ऊपर से एक छोटी, मनोरम सवारी घाटों की यात्रा शुरू करने का एक यादगार तरीक़ा बन सकती है। योजना बनाने से पहले खुलने की तारीख़ों के लिए स्थानीय अपडेट अवश्य देखते रहें।

