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चौसठ योगिनी घाट

चौसठ योगिनी घाट

Chausatthi Yogini Ghat

चौसठ योगिनी घाट

चौसठ योगिनी घाट (चौसठ योगिनी घाट) वाराणसी में गंगा के पश्चिमी तट पर स्थित 84 पवित्र घाटों में से एक है। 64 योगिनियों की तांत्रिक शक्ति इस प्राचीन घाट पर केंद्रित है। यह घाट उस असाधारण दृश्य में योगदान देता है जिसने वाराणसी के नदी तट को यूनेस्को विश्व धरोहर उम्मीदवार बनाया है।

प्रत्येक घाट अपनी कहानी कहता है — राजकीय संरक्षण, आध्यात्मिक महत्व, या दुनिया के सबसे पुराने जीवित शहर में दैनिक जीवन की। सुबह की नाव सवारी के हिस्से के रूप में या शाम को नदी तट पर सैर करके इसके अनोखे चरित्र का अनुभव करें।

महत्व

वाराणसी में प्रत्येक घाट अर्थ की परतें रखता है — आध्यात्मिक, ऐतिहासिक और सामाजिक। चौसठ योगिनी घाट काशी की पवित्र भूगोल का गठन करने वाले छह किलोमीटर के अर्धचंद्राकार सीढ़ीदार नदी तट का हिस्सा है।

तीर्थयात्री, पर्यटक और स्थानीय लोग इन प्राचीन पत्थरों को साझा करते हैं, एक जीवित दृश्य बनाते हुए जो सहस्राब्दियों से आगंतुकों को मोहित करता है। वाराणसी का घाट प्रणाली दुनिया में कहीं भी अद्वितीय है।

अंदरूनी सुझाव

सुबह की नाव सवारी के हिस्से के रूप में सबसे अच्छा दौरा (सूर्योदय जादुई है) या शाम की घाट सैर।
घाट सुबह 5:30-7:30 बजे और शाम 5:30-7 बजे के बीच सबसे वातावरणीय होते हैं।
आरामदायक जूते पहनें जो आसानी से उतर सकें।
भेंट और नाव टिप्स के लिए छोटे मूल्यवर्ग के नोट साथ रखें।
सुबह की नाव सवारी इस घाट को कवर करती है — अस्सी या दशाश्वमेध से बुक करें
गर्मी के महीनों में पानी और सूर्य सुरक्षा साथ रखें
श्मशान घाटों का सम्मान करें — कोई फोटोग्राफी नहीं

सर्वोत्तम समय

🕐 इष्टतम दौरा

फोटोग्राफी के लिए सूर्योदय; वातावरण के लिए शाम

कैसे पहुंचें

📍 पहुंच

किसी भी प्रमुख घाट से नाव सवारी, या नदी तट पर पैदल। ऑटो-रिक्शा पास की मुख्य सड़कों तक पहुंचते हैं।

पास में

🏛️ सिफारिशों के लिए स्थानीय से पूछें