चौसट्ठी घाट
Chousatti Ghat
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चौसठी घाट
चौसठी घाट (जिसे चौसठी भी लिखा जाता है) का नाम चौसठ योगिनी मंदिर से लिया गया है — जो ६४ योगिनियों को समर्पित है, जो शाक्त-तांत्रिक परंपरा में शक्तिशाली महिला देवी हैं। मंदिर मूल रूप से खजुराहो और जबलपुर के प्रसिद्ध चौसठ योगिनी मंदिरों के मॉडल पर बनाया गया था। घाट को उदयपुर के राजा द्वारा पुनर्निर्मित किया गया था और बाद में पेशवा नारायण दीक्षित द्वारा। यह हरिश्चंद्र श्मशान घाट की तीव्र ऊर्जा और रंगीन केदार घाट के बीच स्थित है, जो तीर्थयात्रियों के लिए एक संक्रमणकालीन स्थान प्रदान करता है।
आध्यात्मिक & ऐतिहासिक महत्व
६४ योगिनियां स्त्री दिव्यता को उसके सबसे शक्तिशाली रूप में प्रतिनिधित्व करती हैं — प्रत्येक योगिनी एक अलग शक्ति (पावर) का प्रतीक है। यहां का मंदिर भारत में अभी भी सक्रिय कुछ चौसठ योगिनी मंदिरों में से एक है और वाराणसी को तांत्रिक परंपराओं से जोड़ता है जो मुख्यधारा के शैव पूजा के साथ फली-फूली हैं।
अंदरूनी सुझाव
यात्रा करने का सर्वोत्तम समय
🕐 मंदिर के घंटे
सुबह ६ बजे - शाम ८ बजे
🕐 घाट पहुंच
२४ घंटे
कैसे पहुंचें
नाव से
किसी प्रमुख घाट से नाव की सवारी
पैदल
नदी के किनारे चलकर
ऑटो से
ऑटो-रिक्शा पास की मुख्य सड़कों तक पहुंचते हैं
आसपास के आकर्षण
केदार घाट
रंगीन पड़ोसी घाट
दिगपतिया घाट
नदी के किनारे पास में
हरिश्चंद्र घाट
पास में तीव्र श्मशान स्थल