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विजयदशमी (दशहरा)

त्योहार गाइड 2090

विजयदशमी (दशहरा)

विजयदशमी (दशहरा) दशानन राक्षस राज रावण पर भगवान राम की विजय और महिषासुर पर देवी दुर्गा की विजय का उत्सव है। यह बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है और हिंदू पंचांग के सबसे शुभ दिनों में से एक है।

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त्योहार का महत्व

यह पर्व स्मृति में क्यों जीवित रहता है

विजयदशमी (दशहरा) दशानन राक्षस राज रावण पर भगवान राम की विजय और महिषासुर पर देवी दुर्गा की विजय का उत्सव है। यह बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है और हिंदू पंचांग के सबसे शुभ दिनों में से एक है।

अनुष्ठान पथ

अनुष्ठान

विजय मुहूर्त में शमी पूजा और अपराजिता पूजा करें। शस्त्र पूजा करें। रावण, मेघनाद और कुम्भकर्ण के पुतले जलाएँ। शमी के पत्ते (सोना) स्वर्ण के रूप में बाँटें।

कैसे समझें

उत्सव की लय

पहले समय पढ़ें, फिर मुख्य अनुष्ठान, फिर स्थानीय संदर्भ, ताकि पर्व की वास्तविक लय समझ आए।

वाराणसी में

जहां शहर अपनी अलग छाप जोड़ता है

वाराणसी की रामनगर रामलीला — विश्व की सबसे पुरानी और प्रामाणिक — दशहरा पर रामनगर किले में रावण के पुतले के भव्य दहन से समाप्त होती है। हज़ारों लोग किले के मैदान में एकत्र होते हैं। नदी के पार पुराने शहर में कई रामलीला समितियाँ अपने समारोह आयोजित करती हैं।