
महा शिवरात्रि, शिव की महान रात्रि, भगवान शिव को समर्पित सबसे पवित्र रात्रि है। यह वह रात्रि है जब शिव ने तांडव नृत्य किया था और रात भर जागरण, व्रत और पूजा के साथ मनाई जाती है।
सूर्योदय से व्रत रखें। रात्रि की चार प्रहर में दूध, दही, शहद और घी से शिव अभिषेक करें। ॐ नमः शिवाय का जाप करें। बेल पत्र, धतूरा और नीले फूल अर्पित करें।
कड़ा 24 घंटे का व्रत, अक्सर निर्जला। कुछ लोग केवल फल और दूध लेते हैं। अगली सुबह पूजा के बाद व्रत तोड़ा जाता है।
शिव की नगरी वाराणसी में महा शिवरात्रि अद्वितीय उत्साह से मनाई जाती है। काशी विश्वनाथ मंदिर में लाखों भक्त आते हैं। भगवान शिव की शाही सवारी पुराने शहर की गलियों से गुज़रती है। वाराणसी का हर शिव मंदिर रोशनी से जगमगाता और भक्तों से भरा होता है।