Skip to content
मकर संक्रांति

त्योहार गाइड 2018

मकर संक्रांति

मकर संक्रांति सूर्य के मकर राशि में प्रवेश — उत्तरायण की शुरुआत का प्रतीक है। यह पूरे भारत में अलग-अलग नामों से मनाई जाती है: पोंगल (तमिलनाडु), लोहड़ी (पंजाब), बिहू (असम), उत्तरायण (गुजरात)।

पुण्य काल

कब पढ़ें

त्योहार तिथियाँ लोड हो रही हैं।

मुख्य समय

पुण्य काल

उत्सव अवधि

एक दिन का पर्व

त्योहार की कहानी

कैलेंडर लोड होते ही सटीक तिथियाँ दिखेंगी।

पहले कहानी पढ़ें

समय देखने से पहले पर्व की धड़कन समझें

इस वर्ष के लिए सटीक पर्व समय अभी लोड हो रहा है।

मनाया जाता है

तिथि लोड हो रही है

मुख्य समय

पुण्य काल

उत्सव अवधि

एक दिन का पर्व

त्योहार का महत्व

यह पर्व स्मृति में क्यों जीवित रहता है

मकर संक्रांति सूर्य के मकर राशि में प्रवेश — उत्तरायण की शुरुआत का प्रतीक है। यह पूरे भारत में अलग-अलग नामों से मनाई जाती है: पोंगल (तमिलनाडु), लोहड़ी (पंजाब), बिहू (असम), उत्तरायण (गुजरात)।

अनुष्ठान पथ

अनुष्ठान

सूर्योदय पर नदियों में पवित्र स्नान करें। पतंग उड़ाएँ (विशेषकर गुजरात और राजस्थान में)। तिल-गुड़ के लड्डू बनाएँ। दक्षिण भारत में कोलम/रंगोली बनाएँ और पोंगल चावल पकाएँ।

कैसे समझें

उत्सव की लय

पहले समय पढ़ें, फिर मुख्य अनुष्ठान, फिर स्थानीय संदर्भ, ताकि पर्व की वास्तविक लय समझ आए।

वाराणसी में

जहां शहर अपनी अलग छाप जोड़ता है

वाराणसी में मकर संक्रांति पर घाटों पर गंगा स्नान के लिए भारी भीड़ होती है। शहर के आसमान में पतंगबाज़ी होती है। हर घाट और मंदिर पर तिल-गुड़ की मिठाइयाँ बांटी जाती हैं।