
शारदीय नवरात्रि सबसे प्रमुख नवरात्रि है, जो शरद ऋतु में आती है। यह महिषासुर पर देवी दुर्गा की विजय का सम्मान करती है और विजयादशमी (दशहरा) के साथ समाप्त होती है।
पहले दिन अभिजित मुहूर्त में घटस्थापना करें। 9 दिन व्रत रखें। प्रतिदिन देवी के एक स्वरूप की पूजा करें। दुर्गा अष्टमी और महा नवमी में विशेष पूजा और हवन होते हैं। कन्या पूजा से समापन करें।
9 दिन कठोर व्रत। केवल सात्विक भोजन — प्याज़, लहसुन, अनाज वर्जित। फल, दूध और सेंधा नमक की अनुमति है।
शारदीय नवरात्रि में वाराणसी की दुर्गा पूजा भव्य होती है। पूरे शहर में पंडाल लगाए जाते हैं। बंगाली समुदाय दशाश्वमेध घाट क्षेत्र में जोशीले आयोजन करता है। रामनगर की रामलीला — विश्व की सबसे पुरानी — साथ-साथ चलती है।