गंगा दशहरा वाराणसी 2026: घाटों पर उत्सव और अनुष्ठान
Ganga Dussehra Varanasi 2026: Ghats Celebrations & Rituals
गंगा दशहरा वाराणसी 2026
वाराणसी के घाटों पर गंगा अवतरण के अनुष्ठान मनाएं।
गंगा दशहरा पृथ्वी पर गंगा के अवतरण का उत्सव है। भक्त दशाश्वमेध, अस्सी और राजेंद्र प्रसाद घाट पर आरती, स्नान और अर्पण के लिए एकत्र होते हैं। 2026 की तिथियां जून के प्रारंभ में पड़ती हैं।
एक नज़र में
उत्सव कहाँ देखें
मुख्य घाट और इलाके अलग-अलग अनुष्ठान आयोजित करते हैं।
दशाश्वमेध घाट
भव्य संध्या आरती और सामूहिक गंगा स्नान हजारों को आकर्षित करता है।
अस्सी घाट
शांत भोर के अनुष्ठान और बीएचयू के छात्र जुलूस।
मणिकर्णिका घाट
श्मशान स्थल पर विशेष तर्पण और पितृ अर्पण।
राजेंद्र प्रसाद घाट
सूर्यास्त के बाद नाव जुलूस और सांस्कृतिक कार्यक्रम।
उत्सव के चरण
प्रातः स्नान
भक्त अस्सी या दशाश्वमेध पर सूर्योदय से पहले स्नान करते हैं।
अर्पण और आरती
फूल, दीपक और अगरबत्ती नदी पर छोड़े जाते हैं।
जुलूस
समूह घाटों के बीच गंगा भजन गाते हुए चलते हैं।
संध्या आरती
दशाश्वमेध पर पूर्ण गंगा आरती दिन का समापन करती है।
स्थानीय लोगों के सुझाव
सही समय
स्नान के लिए सुबह 5 बजे घाट पहुंचें और शाम की आरती तक रहें।
कैसे पहुंचें
अस्सी से दशाश्वमेध तक पैदल चलें या नदी किनारे साझा नाव लें।
क्या साथ लाएं
हल्के सूती कपड़े, छोटा दीया, फूल और पानी की बोतल।
भीड़ संबंधी सलाह
दशाश्वमेध पर भारी भीड़; लंका या भेलूपुर से जल्दी निकलें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
गंगा दशहरा 2026 कब है?
यह पर्व ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को पड़ता है, जून 2026 के पहले सप्ताह में अपेक्षित।
पहली बार आने वालों के लिए कौन सा घाट best?
दशाश्वमेध सबसे व्यवस्थित आरती और पुराने शहर से आसान पहुंच प्रदान करता है।
क्या पर्यटक अनुष्ठानों में भाग ले सकते हैं?
हां, अधिकांश घाटों पर सम्मानजनक भागीदारी का स्वागत है।
क्या फोटोग्राफी की अनुमति है?
मणिकर्णिका के अलावा बिना फ्लैश फोटोग्राफी की अनुमति है।
क्या कोई प्रतिबंध हैं?
प्लास्टिक अर्पण से बचें; केवल प्राकृतिक फूल और बायोडिग्रेडेबल दीये उपयोग करें।