काशी विश्वनाथ कॉरिडोर वाराणसी: पूर्ण तीर्थ यात्रा गाइड
Kashi Vishwanath Corridor Varanasi: Complete Pilgrimage Guide
काशी विश्वनाथ कॉरिडोर वाराणसी
काशी विश्वनाथ मंदिर को दशाश्वमेध घाट से जोड़ने वाला आधुनिक मार्ग।
काशी विश्वनाथ कॉरिडोर ने प्राचीन ज्योतिर्लिंग मंदिर तक पहुंच को बदल दिया। चौड़े पत्थर के प्लाजा अब मंदिर को सीधे गंगा से जोड़ते हैं, जिससे हर साल लाखों तीर्थयात्रियों की आवाजाही आसान हो गई। पुनर्स्थापित विरासत संरचनाएं और नए सार्वजनिक स्थान वाराणसी के पुराने शहर के पवित्र नदी तट के पास स्थित हैं।
त्वरित तथ्य
कॉरिडोर की प्रमुख विशेषताएं
इस पवित्र मार्ग को परिभाषित करने वाली विरासत और आधुनिक डिजाइन का मिश्रण खोजें।
काशी विश्वनाथ मंदिर
बारहवां ज्योतिर्लिंग पश्चिमी छोर पर खड़ा है, जो प्राचीन काल से भक्तों को आकर्षित करता है।
दशाश्वमेध घाट
कॉरिडोर यहां गंगा के मुख्य घाट पर समाप्त होता है जहां प्रतिदिन शाम की आरती होती है।
विरासत वॉकवे
चौड़े पत्थर के रास्ते पुराने वाराणसी के पुनर्स्थापित मंदिरों, धर्मशालाओं और पारंपरिक हवेलियों से गुजरते हैं।
सार्वजनिक प्लाजा
पांच खुले चौक छायादार बैठने की जगह प्रदान करते हैं और तीर्थयात्रियों को दर्शन से पहले एकत्र होने की जगह देते हैं।
कॉरिडोर की समयरेखा
अहिल्याबाई होल्कर
मराठा रानी ने पहले विनाश के बाद मंदिर का पुनर्निर्माण किया।
परियोजना शुभारंभ
प्रधानमंत्री ने मंदिर को गंगा से जोड़ने वाले नए कॉरिडोर की नींव रखी।
उद्घाटन
प्रधानमंत्री मोदी ने 13 दिसंबर को पूर्ण कॉरिडोर खोला।
पूर्ण पहुंच
अतिरिक्त प्लाजा और मंदिर पुनर्स्थापन जनता के लिए खुले।
यहां रहने वाले लोगों के सुझाव
सबसे अच्छा समय
सुबह 8 बजे से पहले या शाम 7 बजे के बाद जाएं ताकि मंदिर में भीड़ से बचा जा सके।
कैसे पहुंचें
दशाश्वमेध घाट या मणिकर्णिका के पास नए कॉरिडोर गेट से प्रवेश करें; ऑटो गोडौलिया क्रॉसिंग पर रुकते हैं।
क्या साथ लाएं
हल्के सूती कपड़े, पानी की बोतल और प्रसाद के लिए छोटा बैग ले जाएं; भारी सामान होटल में छोड़ दें।
स्थानीय रीति-रिवाजों का सम्मान
मंदिर परिसर में प्रवेश से पहले जूते उतारें और गर्भगृह में शांति बनाए रखें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
काशी विश्वनाथ कॉरिडोर कहां से शुरू और खत्म होता है?
यह काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर से शुरू होता है और पूर्व में गंगा नदी तट पर दशाश्वमेध घाट तक जाता है।
क्या कॉरिडोर हर दिन खुला रहता है?
हां, कॉरिडोर सुबह से देर शाम तक रोज खुला रहता है, हालांकि मंदिर दर्शन का समय अलग-अलग होता है।
क्या आगंतुक अंदर कैमरा ले जा सकते हैं?
मुख्य मंदिर के अंदर फोटोग्राफी प्रतिबंधित है; बाहरी प्लाजा और वॉकवे पर फोटो की अनुमति है।
कॉरिडोर असी घाट से कितनी दूर है?
असी घाट लगभग 4 किमी दक्षिण में है; साइकिल रिक्शा या नाव की सवारी दोनों नदी तट बिंदुओं को जोड़ती है।
क्या वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुविधाएं हैं?
पूरे कॉरिडोर मार्ग के साथ व्हीलचेयर के अनुकूल रैंप और आराम करने के क्षेत्र जोड़े गए हैं।
क्या कॉरिडोर सारनाथ के पास से गुजरता है?
नहीं, सारनाथ 10 किमी उत्तर में है; कॉरिडोर पुराने शहर के भीतर मंदिर और दशाश्वमेध घाट के बीच रहता है।