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वाराणसी में मानसून: बनारस के घाटों पर बारिश

वाराणसी में मानसून: बनारस के घाटों पर बारिश

Monsoon in Varanasi: Rains on the Ghats of Banaras

वाराणसी में मानसून: घाटों पर बारिश

जब गंगा उफनती है और शहर हरा-भरा हो जाता है।

जून से सितंबर के बीच मानसून वाराणसी को बदल देता है। प्राचीन घाट बारिश में चमकते हैं, नाव की सवारी नाटकीय हो जाती है और संकरी गलियों में बरसात की आवाज गूंजती है।

एक नजर में मानसून

4महीने की बारिश
800+मिमी औसत वर्षा
84नदी के किनारे घाट
16वीं सदीकई घाटों की उत्पत्ति
3बाढ़ के मुख्य महीने
7 किमीअस्सी से राजघाट तक

मानसून कहाँ अनुभव करें

धुंधली सुबह की नाव सवारी से लेकर शांत मंदिर कोनों तक, ये स्थान मौसम को सबसे अच्छे से दर्शाते हैं।

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अस्सी घाट

निकटवर्ती बीएचयू के छात्र बरसती छतों के नीचे चाय पीते हुए उफनती गंगा को देखें।

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दशाश्वमेध नाव सवारी

मानिकर्णिका और हरीशचंद्र घाटों के पास बारिश की धुंध में नाव चलाएँ।

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काशी विश्वनाथ कॉरिडोर

प्राचीन मंदिर की गलियों में बारिश की गूँज सुनते हुए शरण लें।

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तुलसी घाट

अस्सी के पास शांत सीढ़ियाँ जहाँ कवि लिखते थे और अब बारिश गिरती है।

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लंका स्ट्रीट फूड

बीएचयू के पास व्यस्त गलियों में शाम की बौछार के दौरान गरम समोसे और चाय।

बनारस में मानसून की समयरेखा

जून आरंभ

पहली बौछारें आती हैं

बंगाल की खाड़ी से हल्की बारिश आती है, मई की गर्मी के बाद शहर ठंडा होता है।

जुलाई मध्य

गंगा बढ़ने लगती है

पानी का स्तर दशाश्वमेध और मानिकर्णिका की निचली सीढ़ियों तक पहुँचता है।

अगस्त

बाढ़ का चरम

कई निचले घाट जलमग्न हो जाते हैं; नाविक ऊँची सीढ़ियों पर उतरते हैं।

सितंबर

बारिश कम, हरियाली बनी रहती है

बौछारें हल्की हो जाती हैं; अक्टूबर से पहले किनारे हरे-भरे रहते हैं।

यहाँ रहने वालों के सुझाव

सबसे अच्छा समय

सुबह 8 बजे से पहले या शाम 4 बजे के बाद जब बारिश हल्की होती है और रोशनी नरम रहती है।

कैसे पहुँचें

लंका या भेलूपुर से साइकिल रिक्शा या पैदल जाएँ; भारी बारिश में राजघाट के निचले रास्ते टालें।

क्या पहनें / साथ लाएँ

हल्के सूती कपड़े, मजबूत छाता और रबर के चप्पल। नाव की सीटों के लिए छोटा तौलिया रखें।

सुरक्षित रहें

जब नदी ऊँची हो तो फिसलन भरी निचली घाटों पर कदम न रखें; स्थानीय नाविकों का अनुसरण करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या मानसून में वाराणसी जाना सुरक्षित है?

हाँ, सामान्य सावधानियों के साथ। शहर सामान्य रूप से चलता है; केवल निचले घाट कुछ दिनों के लिए जलमग्न हो सकते हैं।

मानसून के नज़ारों के लिए कौन सा घाट सबसे अच्छा है?

अस्सी घाट और तुलसी घाट बरसात में भीड़ कम होने के कारण सबसे सुंदर नज़ारे देते हैं।

क्या बारिश में नावें चलती हैं?

अधिकतर नाविक तब तक चलाते रहते हैं जब तक आँधी या तेज़ हवाएँ न हों। सवार होने से पहले अवश्य पूछें।

शाम की आरती का क्या होता है?

दशाश्वमेध आरती बारिश में भी बड़े कैनोपी के नीचे जारी रहती है, जादुई माहौल बनता है।

क्या कोई मानसून त्योहार होते हैं?

स्थानीय मंदिरों में तीज और जन्माष्टमी पर अतिरिक्त दीपक और फूलों के साथ उत्सव मनाया जाता है।

क्या मानसून में सारनाथ जा सकते हैं?

बौद्ध स्थल खुला और शांत रहता है; आसपास के बगीचे बरसात के बाद खासे हरे-भरे हो जाते हैं।