संकट मोचन हनुमान मंदिर — विपत्ति हरने वाले
Sankat Mochan Hanuman Temple — The Remover of Troubles
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संकट मोचन हनुमान मंदिर — संकटों का निवारक
वाराणसी में एक आध्यात्मिक प्रकाशस्तंभ
संकट मोचन हनुमान मंदिर वाराणसी के सबसे प्रिय धार्मिक संस्थानों में से एक है। प्रसिद्ध संत गोस्वामी तुलसीदास द्वारा 1902 ईस्वी में स्थापित, यह मंदिर जल्दी ही वाराणसी के आध्यात्मिक परिदृश्य का एक अभिन्न अंग बन गया है।
केंद्रीय देवता पूर्व की ओर मुख करके खड़ी मुद्रा में हनुमान की 2-मीटर ऊंची मूर्ति है। मंदिर परिसर में एक पवित्र बरगद का पेड़ शामिल है जिसके नीचे भक्त ध्यान और प्रवचन के लिए इकट्ठा होते हैं। 125 वर्ष से कम पुराना होने के बावजूद, संकट मोचन वाराणसी के सबसे महत्वपूर्ण आध्यात्मिक गंतव्यों में से एक बन गया है।
अनुष्ठान और कार्यक्रम
शाम के भजन
सैकड़ों लोग हनुमान चालीसा और भक्ति गीत गाने के लिए इकट्ठा होते हैं — गहरा भावपूर्ण वातावरण। शाम 7:00 बजे दैनिक
मंगलवार पूजा
विशेष आरती और प्रसाद वितरण। मंदिर आशीर्वाद मांगने वाले भक्तों से भरा रहता है। पूरे दिन
लंगर सेवा
गरीबों और समुदाय के सदस्यों के लिए मुफ्त भोजन — मंदिर की सेवा का एक प्रमुख चिन्ह। दैनिक दोपहर
चिकित्सा शिविर
नियमित स्वास्थ्य शिविर, वंचित बच्चों के लिए शैक्षिक सहायता। मासिक
आंतरिक सुझाव
यात्रा आवश्यकताएं
🕐 सर्वोत्तम समय
भजनों के लिए मंगलवार शाम। शांत दर्शन के लिए सुबह।
📍 कैसे पहुंचें
गोदौलिया से ऑटो (₹60, 10 मिनट)। बीएचयू लंका गेट से पैदल (10 मिनट)।
🏛️ आसपास
दुर्गा मंदिर (500 मीटर), तुलसी मानस मंदिर (1 किमी), बीएचयू परिसर (1.5 किमी)