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शीतला माता घाट

Sheetla Mata Ghat

शीतला माता घाट

शीतला माता घाट (शीतला माता घाट) वाराणसी में गंगा के पश्चिमी तट पर स्थित 84 पवित्र घाटों में से एक है। चिकित्सा देवी को समर्पित एक और घाट — उनकी सुरक्षा दूर तक फैली हुई है।

यह घाट उस असाधारण दृश्य में योगदान देता है जिसने वाराणसी के नदी तट को यूनेस्को विश्व धरोहर उम्मीदवार बनाया है। प्रत्येक घाट अपनी कहानी कहता है — राजकीय संरक्षण, आध्यात्मिक महत्व, या दुनिया के सबसे पुराने जीवित शहर में दैनिक जीवन की। सुबह की नाव सवारी या शाम को नदी तट पर सैर के हिस्से के रूप में इसका दौरा करें और इसकी अनोखी विशेषता का अनुभव करें। 🪔

महत्व

वाराणसी में प्रत्येक घाट अर्थ की परतें रखता है — आध्यात्मिक, ऐतिहासिक और सामाजिक।

84
वाराणसी में पवित्र घाट
6 km
सीढ़ीदार नदी तट का चंद्राकार
यूनेस्को
विश्व धरोहर उम्मीदवार

शीतला माता घाट काशी की पवित्र भूगोल का गठन करने वाले छह किलोमीटर के सीढ़ीदार नदी तट के चंद्राकार का हिस्सा है। तीर्थयात्री, पर्यटक और स्थानीय लोग इन प्राचीन पत्थरों को साझा करते हैं, जो सहस्राब्दियों से आगंतुकों को मोहित करने वाला एक जीवंत दृश्य बनाते हैं। वाराणसी का घाट प्रणाली दुनिया में कहीं भी बेजोड़ है।

अंदरूनी सुझाव

आपकी यात्रा के लिए स्थानीय ज्ञान

✅ सुबह की नाव सवारी (सूर्योदय जादुई है) या शाम की घाट सैर के हिस्से के रूप में सबसे अच्छा दौरा किया जाता है।
🕐 घाट सुबह 5:30-7:30 और शाम 5:30-7 बजे के बीच सबसे वातावरणपूर्ण होते हैं।
👟 आरामदायक जूते पहनें जो आसानी से उतर-चढ़ सकें।
💰 प्रसाद और नाव टिप्स के लिए छोटे मूल्यवर्ग के नोट साथ रखें।
🛥️ सुबह की नाव सवारियां इस घाट को कवर करती हैं — अस्सी या दशाश्वमेध से बुक करें।
💧 गर्मियों के महीनों में पानी और सूर्य सुरक्षा साथ रखें।
📵 श्मशान घाटों का सम्मान करें — कोई फोटोग्राफी नहीं।

दौरा करने का सबसे अच्छा समय

🕐 इष्टतम घंटे

फोटोग्राफी के लिए सूर्योदय; वातावरण के लिए शाम।

कैसे पहुंचें

📍

पहुंच विकल्प

किसी भी प्रमुख घाट से नाव सवारी, या नदी तट पर पैदल चलें। ऑटो-रिक्शा पास की मुख्य सड़कों तक पहुंचते हैं।

पास के आकर्षण

🏛️

स्थानीय सिफारिशें

सिफारिशों के लिए स्थानीय से पूछें।