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कचौड़ी-जलेबी के शहर में बर्गर और पिज्जा: बनारसी ठेलों पर स्ट्रीट फूड का नया रंग

जानकारीपूर्ण पोस्ट · हैलोबनारस द्वारा संकलित

बनारस की गलियों का नाम लेते ही कचौड़ी-सब्ज़ी, जलेबी, टमाटर चाट और मलइयो की याद आती है। लेकिन आज शहर के व्यस्त बाज़ारों से गुज़रिए तो एक नया स्वाद भी दिखाई देता है — छोटे-छोटे ठेलों पर बनते ताज़े बर्गर, ग्रिल्ड सैंडविच और चीज़ से भरे मिनी पिज्जा। खास बात यह है कि ये तीनों चीज़ें एक ही छोटे से ठेले पर एक साथ तैयार होती हैं। हाल ही में यूट्यूब पर आई एक स्ट्रीट फूड डॉक्यूमेंट्री में बनारस के ऐसे ही एक ठेले की पूरी कहानी दिखाई गई है। मुश्किल से दो लोगों के खड़े होने लायक जगह में सैंडविच ग्रिलर, बर्गर स्टेशन और पिज्जा का इंतज़ाम साथ-साथ चलता है। ताज़े बन सिकते हैं, दिन भर सब्ज़ियाँ कटती रहती हैं, गरम तवे पर चीज़ पिघलता है और ग्राहकों की कतार लगी रहती है। साधन सीमित हैं, लेकिन तैयारी का अनुशासन देखते ही बनता है। छात्रों, परिवारों और नौकरीपेशा लोगों के लिए इन ठेलों ने ग्लोबल स्वाद को जेब की पहुँच में ला दिया है। रेस्टोरेंट के मुकाबले कहीं कम दाम में गरमागरम बर्गर या चीज़ पिज्जा मिल जाए, तो शाम की भीड़ लगना स्वाभाविक है। गोदौलिया, लंका और सिगरा जैसे इलाकों में ऐसे स्टॉल युवाओं की पसंदीदा जगह बनते जा रहे हैं। सबसे सुंदर बात यह है कि यह नया दौर पुरानी परंपरा की जगह नहीं ले रहा, बल्कि उसके साथ-साथ बढ़ रहा है। उन्हीं गलियों में आज भी बनारसी पान, गरम जलेबी और कुल्हड़ वाली चाय मिलती है। यानी काशी आने वाले खाने के शौकीनों के लिए विकल्प पहले से कहीं ज़्यादा हैं — शाम की शुरुआत टमाटर चाट से कीजिए और अंत किसी ठेले के ग्रिल्ड सैंडविच से। बनारस हर स्वाद में अपनापन परोसता है।

हैलोबनारस द्वारा सार्वजनिक स्रोतों के आधार पर तैयार: