कचौड़ी-जलेबी के शहर बनारस में ठेलों पर ग्लोबल ज़ायका: बर्गर, पिज़्ज़ा और सैंडविच की धूम
बनारस का नाम लेते ही ज़ेहन में उतर आती है सुबह की गरम कचौड़ी-सब्ज़ी, रस टपकाती जलेबी, गोदौलिया की मशहूर टमाटर चाट और घाट किनारे कुल्हड़ वाली लस्सी। लेकिन दुनिया के इस सबसे पुराने जीवंत शहर की गलियों में अब एक नया स्वाद भी घुल रहा है — छोटे-छोटे ठेलों पर बनते बर्गर, ग्रिल्ड सैंडविच और चीज़ से लदे मिनी पिज़्ज़ा। हाल ही में यह बदलता नज़ारा 20 लाख से अधिक सब्सक्राइबर वाले फूड डॉक्यूमेंट्री चैनल 'Tastie' के कैमरे में कैद हुआ। वाराणसी में शूट की गई करीब चौदह मिनट की इस फिल्म में एक ही छोटे ठेले पर तीनों व्यंजन साथ-साथ बनते दिखाए गए हैं — ताज़े बन और रंग-बिरंगी टॉपिंग से लेकर गरम तवे, पिघलते चीज़ और फुर्तीली सर्विस तक का पूरा सफर। इन ठेलों की असली पहचान है इनका देसी अंदाज़। तीखी हरी चटनी, लोकल मसाले और मक्खन का भरपूर तड़का हर निवाले को बनारसी ज़ायके में ढाल देता है, वह भी छात्रों की जेब के अनुकूल दामों पर। लंका, सिगरा और अस्सी के इलाकों में ये ठेले युवाओं और परिवारों की शाम के पसंदीदा अड्डे बन चुके हैं। जानकार इसे बनारस की जीवंत खान-पान परंपरा का स्वाभाविक विस्तार मानते हैं। शहर के पारंपरिक ज़ायकों की जगह कोई नहीं ले सकता, लेकिन काशी ने हमेशा नए स्वादों और नए लोगों का दिल से स्वागत किया है। सैलानियों के लिए सलाह साफ है — एक शाम पुराने ज़ायकों के नाम कीजिए और एक शाम नए स्वादों के। बनारस खाने के शौकीनों को कभी निराश नहीं करता।
हैलोबनारस द्वारा सार्वजनिक स्रोतों के आधार पर तैयार: