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किसानों के खेत से नया मोहल्ला: कल्लीपुर में शुरू हुआ 'आनंद काशी', 1994 के बाद वीडीए की पहली टाउनशिप

जानकारीपूर्ण पोस्ट · हैलोबनारस द्वारा संकलित

कल्लीपुर में 'आनंद काशी' का काम शुरू हो गया है — वाराणसी विकास प्राधिकरण की लगभग तीन दशकों में पहली इंटीग्रेटेड गेटेड सिटी। इस पैमाने की टाउनशिप प्राधिकरण ने 1994 की लालपुर योजना के बाद नहीं बसाई है। पहला चरण करीब 4.56 लाख वर्ग मीटर में फैला है। इसमें चार आकारों — 72, 162, 200 और 288 वर्ग मीटर — के 1,004 आवासीय भूखंड हैं, साथ ही 108 व्यावसायिक भूखंड, तीन ग्रुप हाउसिंग भूखंड और एक विद्यालय, एक स्वास्थ्य केंद्र, एक कम्युनिटी सेंटर तथा उपयोगिता सेवाओं के लिए आरक्षित भूमि। भीतरी सड़कें 24, 18, 12 और 9 मीटर की प्रस्तावित हैं, और भूखंड सौंपे जाने से पहले पानी, सीवर, बिजली और जल निकासी की लाइनें बिछाई जाएँगी। हरियाली यहाँ बची-खुची जगह नहीं, योजना का हिस्सा है। कुल क्षेत्रफल का कम से कम पंद्रह प्रतिशत हरा-भरा रहेगा, जो अठारह हिस्सों में बँटा है, और लगभग 3.71 एकड़ में मियावाकी वन विकसित होगा। करीब दो हेक्टेयर के केंद्रीय पार्क में नटराज की प्रतिमा, एक ओपन एयर थिएटर और बच्चों के खेलने की जगह प्रस्तावित है। सबसे शांत ब्योरा यह है कि ज़मीन जुटाई कैसे गई। अनिवार्य अधिग्रहण के बजाय कल्लीपुर और मढ़नी के भूस्वामियों ने लैंड पूलिंग व्यवस्था के तहत लगभग 45 एकड़ ज़मीन दी और बदले में उन्हें विकसित भूखंड मिलेंगे — यानी किसान योजना से हटाए गए लोग नहीं, उसके साझेदार हैं। रेरा पंजीकरण अगस्त के अंत तक होने की उम्मीद है।

हैलोबनारस द्वारा सार्वजनिक स्रोतों के आधार पर तैयार: ANI · Asianet Newsable