Skip to content

सावन का पहला सोमवार: काशी विश्वनाथ धाम में उमड़ा आस्था का अभूतपूर्व जनसैलाब

जानकारीपूर्ण पोस्ट · हैलोबनारस द्वारा संकलित

सावन के पहले सोमवार को काशी नगरी भोर से पहले ही जाग उठी। श्री काशी विश्वनाथ धाम की ओर जाने वाली हर गली में श्रद्धालुओं का अटूट रेला उमड़ पड़ा और 'हर हर महादेव' के जयघोष से पूरा बनारस गूंज उठा। श्रावण मास भगवान शिव को समर्पित है, और सावन के सोमवार बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए वर्ष के सबसे पुण्यदायी दिन माने जाते हैं। इस वर्ष पहले सोमवार पर रिकॉर्ड तोड़ भीड़ देखने को मिली। दर्शन की कतार मंदिर परिसर से निकलकर गंगा के घाटों तक पहुंच गई। दशाश्वमेध घाट के पास गंगा का जलस्तर धीरे-धीरे घटने से सीढ़ियों पर श्रद्धालुओं को खड़े होने की जगह मिली। केसरिया वस्त्रों में कांवरिये, बच्चों के साथ परिवार और बुजुर्ग भक्त घंटों धैर्यपूर्वक कतार में खड़े रहे। भजन-कीर्तन और जयकारों ने इस प्रतीक्षा को भी उत्सव बना दिया। मंदिर प्रशासन ने व्यवस्थाओं में कोई कमी नहीं छोड़ी — कतार को व्यवस्थित रखने के लिए बैरिकेडिंग, जगह-जगह पेयजल की व्यवस्था, चिकित्सा सहायता केंद्र और सुगम दर्शन प्रणाली से विशाल जनसमूह सुरक्षित और सुचारु रूप से आगे बढ़ता रहा। सावन में काशी आने की योजना बना रहे श्रद्धालुओं के लिए कुछ उपयोगी बातें: भोर के समय या देर शाम दर्शन के लिए निकलें, कम से कम सामान साथ रखें, मंदिर प्रशासन द्वारा निर्धारित प्रवेश मार्गों का ही पालन करें और घाटों की ओर जाने से पहले गंगा के जलस्तर की जानकारी अवश्य लें। अभी सावन के कई सोमवार शेष हैं। भक्ति का यह पावन मौसम अभी शुरू ही हुआ है, और काशी हर श्रद्धालु के स्वागत के लिए पलकें बिछाए तैयार है।

हैलोबनारस द्वारा सार्वजनिक स्रोतों के आधार पर तैयार: