नि:शुल्क मेहंदी, कजरी और झूमता पूरा पंडाल: रामापुरा के सावन हरियाली महोत्सव में छाईं वार्ड की महिलाएँ
रामापुरा वार्ड ने सावन की अपनी शाम वही करते हुए बिताई, जो बनारस हमेशा से अच्छा करता आया है — मंच अपने ही मोहल्ले की महिलाओं को सौंप दिया और बाक़ी काम सावन के लोकगीतों पर छोड़ दिया। पार्षद राम गोपाल वर्मा द्वारा आयोजित इस सावन हरियाली महोत्सव के केंद्र में मेहंदी प्रतियोगिता रही, जिसमें आने वाली हर महिला के लिए मेहंदी नि:शुल्क लगाई गई और अंत में सर्वश्रेष्ठ हाथों को पुरस्कार मिले। इसके इर्द-गिर्द पूरी शाम सजती रही — कजरी और सावन के दूसरे लोकगीत, गायिका कंचन सिंह का सम्मान, और एक लंबा दौर जिसमें दर्शक बस उठकर नाचने लगे। विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने महोत्सव का उद्घाटन किया और कलाकारों को सम्मानित किया। मौजूद रहने वालों में पार्षद विजय द्विवेदी, चंद्रनाथ मुखर्जी और टन्ना साहनी के साथ वार्ड की बड़ी संख्या में महिलाएँ शामिल रहीं। आयोजकों ने इस कार्यक्रम को महिला सशक्तीकरण के इर्द-गिर्द रखा था, और शाम की बनावट ने यह बात किसी भी भाषण से बेहतर कह दी — एक मोहल्ला कार्यक्रम, जिसमें प्रतिभागी, कलाकार और अधिकांश दर्शक उन्हीं चंद गलियों की महिलाएँ थीं। ऐसी हरियाली महफ़िलें हर सावन वाराणसी के मोहल्लों में सजती हैं, और आमतौर पर यही सीज़न का सबसे आनंददायक रूप होती हैं: न टिकट, न कतार, न मंच की दूरी — और गीतों का वह पिटारा, जिसे साथ गाने वाले ज़्यादातर लोगों ने सबसे पहले अपने घर में ही सीखा था।
हैलोबनारस द्वारा सार्वजनिक स्रोतों के आधार पर तैयार: KTV News Varanasi