गंगा की लहरों पर काशी दर्शन: अलकनंदा, भागीरथी और विवेकानंद क्रूज़ की पूरी जानकारी
काशी के घाटों को गंगा की धारा के बीच से निहारना अब वाराणसी आने वाले हर यात्री की पसंद बनता जा रहा है। इसी अनुभव को सुगम बनाने के लिए शहर में अब व्यवस्थित रिवर क्रूज़ चल रहे हैं। आज गंगा पर तीन नाम सबसे आगे हैं — अलकनंदा, भागीरथी और विवेकानंद — और हर क्रूज़ जल-मार्ग से काशी दर्शन का अपना अलग अंदाज़ पेश करता है। तीनों क्रूज़ों में टिकट दर, समय और सुविधाओं का अंतर है, इसलिए चुनाव अपने बजट और यात्रा की शैली के हिसाब से करना चाहिए। इनमें सबसे प्रसिद्ध अलकनंदा है — दो मंज़िला यह जहाज़ हज़ारों यात्रियों की सराहना बटोर चुका है और परिवारों की पहली पसंद बना हुआ है। कम बजट वाले यात्रियों के लिए छोटी सैर के विकल्प हैं, तो आराम पसंद करने वालों के लिए प्रीमियम डेक भी उपलब्ध हैं। क्रूज़ का पारंपरिक मार्ग घाटों की पूरी शृंखला के दर्शन कराता है — अस्सी और दशाश्वमेध से लेकर नमो घाट तक। शाम की सैर का समय गंगा आरती से जोड़कर रखा जाता है, ताकि यात्री सीढ़ियों की भीड़ से दूर, नदी की शांति से दीपों की यह विश्वप्रसिद्ध आरती निहार सकें। अब क्रूज़ की ऑनलाइन एडवांस बुकिंग भी उपलब्ध है और सप्ताहांत, सावन तथा त्योहारों के मौसम में पहले से बुकिंग करा लेना ही समझदारी है, क्योंकि सीटें जल्दी भर जाती हैं। बोर्डिंग पॉइंट पर थोड़ा पहले पहुँचें, सुबह या शाम की सैर का समय देख लें और मानसून में मौसम का ध्यान रखें। जिस भी क्रूज़ से जाएँ, संध्या के समय नदी से उभरती काशी की छवि जीवन भर याद रहती है।
हैलोबनारस द्वारा सार्वजनिक स्रोतों के आधार पर तैयार: