आईआईटी (बीएचयू) वाराणसी में 2026–27 से चिप डिज़ाइन और मेडिकल डिवाइस के नए पाठ्यक्रम
आईआईटी (बीएचयू) वाराणसी सत्र 2026–27 के लिए अपने पाठ्यक्रमों का विस्तार कर रहा है और इंजीनियरिंग के कुछ सबसे तेज़ी से बढ़ते क्षेत्रों से जुड़ी नई एम.टेक विशेषज्ञताएँ शुरू कर रहा है। संस्थान वीएलएसआई आर्किटेक्चर एवं चिप डिज़ाइन, मेडिकल डिवाइसेज़, तथा टनलिंग एवं अंडरग्राउंड स्पेस इंजीनियरिंग में नई धाराएँ शुरू कर रहा है, साथ ही डिसीज़न साइंस एंड इंजीनियरिंग में एक नया पीएच.डी. कार्यक्रम भी। ये नए पाठ्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत भविष्य के लिए तैयार, अंतर-विषयक शिक्षा की दिशा में संस्थान के प्रयास को दर्शाते हैं। चिप डिज़ाइन और सेमीकंडक्टर भारत की बढ़ती इलेक्ट्रॉनिक्स महत्वाकांक्षाओं के केंद्र में हैं, जबकि मेडिकल डिवाइसेज़ धारा हेल्थकेयर तकनीक में नए अवसर खोलती है — दोनों ही क्षेत्रों में प्रशिक्षित प्रतिभा की भारी माँग है। इन कार्यक्रमों की घोषणा तब हुई जब आईआईटी (बीएचयू) ने 29 जून 2026 को अपना पहला 'उत्थान' संस्थान दिवस मनाया, जिसमें शैक्षणिक और पूर्व-छात्र उपलब्धियों का उत्सव भी मनाया गया। जुलाई 2026 सत्र के लिए एम.टेक, एम.फार्म और पीएच.डी. में प्रवेश सामान्य गेट आधारित प्रक्रिया से हो रहे हैं। वाराणसी और आसपास के छात्रों के लिए इसका अर्थ है — घर के पास ही विश्वस्तरीय विकल्पों का बढ़ना, और यह भी संकेत कि काशी उच्च शिक्षा और अत्याधुनिक शोध के केंद्र के रूप में अपनी पहचान लगातार मज़बूत कर रही है।
हैलोबनारस द्वारा सार्वजनिक स्रोतों के आधार पर तैयार: IIT (BHU) Varanasi — official · IIT (BHU) PG Admission Brochure 2026–27