गंगा किनारे इमिग्रेशन काउंटर: सामने घाट पर बनेगा प्रदेश का पहला अंतरराष्ट्रीय क्रूज़ टर्मिनल
वाराणसी को उत्तर प्रदेश का पहला अंतरराष्ट्रीय क्रूज़ टर्मिनल मिलने जा रहा है, और इसके लिए गंगा किनारे सामने घाट को चुना गया है। नगर निगम लगभग दो एकड़ ज़मीन — करीब 8,094 वर्ग मीटर — भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) को दे रहा है, जो अनुमानित ₹200 करोड़ की लागत से यह टर्मिनल बनाएगा और चलाएगा। अब तक सामने आई योजना किसी साधारण जेटी की नहीं, बल्कि एक पूरे नदी-द्वार की है। डिज़ाइन में इमिग्रेशन और कस्टम काउंटर, मेटल डिटेक्टर और बैगेज स्कैनर, सीसीटीवी निगरानी, यात्री लाउंज, कैफेटेरिया, ड्यूटी-फ़्री शॉपिंग, वाहन पार्किंग और दिव्यांग यात्रियों के लिए बाधामुक्त रास्ते शामिल हैं। पूरी क्षमता पर यह भवन एक साथ करीब दस हज़ार यात्रियों को संभालने के लिए सोचा गया है — यानी कोच्चि के 2,253 वर्ग मीटर वाले सागरिका क्रूज़ टर्मिनल से लगभग साढ़े तीन गुना बड़ा। शहर के लिए इसका मतलब है गंगा किनारे एक असली आगमन-द्वार: हवाई जहाज़ से नहीं, पानी के रास्ते काशी पहुँचते यात्री, और बंगाल में हल्दिया तक जाता जलमार्ग। फ़िलहाल प्राधिकरण के मुख्यालय में विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार हो रही है, इसके बाद ज़मीन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। जहाज़ अभी नहीं चले हैं — पर जिस शहर का असली दरवाज़ा हमेशा नदी रही है, वहाँ फ़ाइल अब उसी दिशा में चल पड़ी है।
हैलोबनारस द्वारा सार्वजनिक स्रोतों के आधार पर तैयार: Amar Ujala — Varanasi