सपरिवार काशी विश्वनाथ दर्शन: गंगा द्वार से प्रवेश, फ्री लॉकर और आसान दर्शन के उपयोगी टिप्स
वाराणसी आने वाले हर परिवार की पहली इच्छा होती है बाबा विश्वनाथ का दर्शन। अच्छी बात यह है कि श्री काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन अब पहले से कहीं अधिक सुविधाजनक हो गया है — निःशुल्क लॉकर, व्यवस्थित कतारें और कई प्रवेश द्वार बुजुर्ग माता-पिता और बच्चों के साथ आने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा आसान बना देते हैं। अनुभवी यात्री गोदौलिया चौराहे से गंगा द्वार होकर प्रवेश की सलाह देते हैं। इस द्वार पर भीड़ अपेक्षाकृत कम रहती है। पास ही निःशुल्क लॉकर की सुविधा है, जहां मोबाइल, जूते-चप्पल और सामान जमा किए जा सकते हैं — गर्भगृह क्षेत्र में मोबाइल ले जाना वर्जित है। परिसर में प्रसाद लॉकर भी उपलब्ध हैं और श्रद्धालु अभिषेक के लिए दूध ले जा सकते हैं। सावन के सोमवार को छोड़कर सामान्य दिनों में जनरल लाइन से लगभग दो घंटे में दर्शन हो जाते हैं; शीघ्र दर्शन के लिए गंगा द्वार के पास सुगम दर्शन टिकट काउंटर भी है। सावन में धाम की तैयारियां देखते ही बनती हैं — छायादार शेड, सोमवार की भीड़ के लिए बैरिकेडिंग और बढ़े जलस्तर को देखते हुए गंगा में एनडीआरएफ की गश्त। घाटों की नई दीवार-चित्रकारी और रोशनी ने रास्ते को भी दर्शनीय बना दिया है, और 84 घाटों की नौका-सैर तो पारिवारिक आनंद का केंद्र है ही। मान्यता है कि काशी के कोतवाल काल भैरव के दर्शन के बिना काशी यात्रा अधूरी रहती है। पुरानी गलियों से होते हुए रिक्शे की छोटी-सी दूरी पर स्थित यह मंदिर दोपहर लगभग एक बजे बंद हो जाता है, इसलिए सुबह की योजना उसी अनुसार बनाएं। दर्शन के बीच बनारस की गलियां शुद्ध शाकाहारी थाली, मिक्स फ्रूट लस्सी और विश्वप्रसिद्ध बनारसी पान का आनंद देती हैं — एक यादगार पारिवारिक दिन का सबसे मीठा समापन।
हैलोबनारस द्वारा सार्वजनिक स्रोतों के आधार पर तैयार: