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रुद्राक्ष, फूल और मंगला आरती से शुरुआत: सावन के अंतिम सोमवार पर काशी विश्वनाथ धाम

जानकारीपूर्ण पोस्ट · हैलोबनारस द्वारा संकलित

सावन का चौथा और अंतिम सोमवार 24 अगस्त को पड़ा और काशी विश्वनाथ धाम उसी के लिए सजा था — मंदिर रुद्राक्ष और फूलों से सजाया गया, दिन की शुरुआत मंगला आरती से हुई और उसके तुरंत बाद जलाभिषेक की कतारें लग गईं। आते हुए कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा की गई और भोर से पहले ही धाम में 'हर हर महादेव' गूँजने लगा। शहर रविवार से ही भरने लगा था। बिहार, प्रयागराज और लखनऊ की ट्रेनों से रातभर स्टेशनों पर भीड़ पहुँचती रही, और कांवड़ियों के लिए तय किए गए ठहराव स्थल सुबह तक पूरी तरह भर गए। सावन सोमवार को दर्शन की योजना बना रहे लोगों के लिए दो व्यावहारिक बातें काम की हैं। सावन के तीनों सोमवार — 10, 17 और 24 अगस्त — को सुगम दर्शन टिकट नहीं दिए गए, यानी दिन नि:शुल्क दर्शन की लाइनों पर ही चला; ऐसे में हाथ में समय लेकर पहुँचना ज़्यादा काम आता है। धाम और कांवड़ मार्ग पर पुलिस व्यवस्था व्यापक रहती है — शहर को ज़ोन और सेक्टर में बाँटकर अलग यातायात योजना लागू की जाती है। सावन ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को श्रद्धालुओं को 'सर' और 'मैडम' कहकर संबोधित करने का निर्देश भी दिया गया था — शिष्टाचार का यह छोटा-सा निर्देश बताता है कि यह महीना यहाँ किस तरह संभाला जाता है। इस सोमवार के साथ काशी में सावन के सबसे भीड़भरे दिन इस वर्ष के लिए पूरे हो गए, और गोदौलिया-मैदागिन की गलियाँ धीरे-धीरे अपनी सामान्य चाल पर लौटने लगेंगी।

हैलोबनारस द्वारा सार्वजनिक स्रोतों के आधार पर तैयार: Amar Ujala — Varanasi · The Varanasi News · Amar Ujala — Sawan arrangements