रुद्राक्ष के धागे से अमेरिकन डायमंड तक: 28 अगस्त से पहले सज गए हड़हा सराय और शहर के बाज़ार
इस बार रक्षाबंधन शुक्रवार, 28 अगस्त को है — पूर्णिमा 27 की सुबह से 28 की सुबह तक रहेगी — और शहर का राखी बाज़ार आख़िरी दिन का इंतज़ार करता नहीं दिखा। पूर्वी उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े राखी बाज़ारों में गिना जाने वाला हड़हा सराय सुबह से शाम तक गुलज़ार है, और आसपास के इलाक़ों से भी ख़रीदार पहुँच रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि इस बार बिक्री सामान्य से पहले शुरू हुई और पिछले साल के मुक़ाबले बेहतर चल रही है। धागों पर सजी चीज़ों का दायरा भी काफ़ी बढ़ा है। सादे सूती धागे के साथ मोती और कुंदन के डिज़ाइन, स्टोन और अमेरिकन डायमंड का काम, रुद्राक्ष जड़े धागे, और गणेश, ॐ तथा राम के प्रतीकों वाली राखियाँ मौजूद हैं। बच्चों की पसंद कार्टून कैरेक्टर हैं, युवतियाँ डिज़ाइनर राखियों की ओर जाती हैं; तिरंगे वाली और काल भैरव मुखौटे वाली राखियाँ भी हैं, और म्यूज़िकल भी। क़ीमत कुछ रुपये से लेकर कुछ सौ रुपये तक — यानी एक ही दुकान स्कूल बैग और गिफ़्ट बॉक्स, दोनों के काम आ जाती है। भीड़ हमेशा की तरह आसपास भी फैल रही है — मिठाई, ड्राई फ्रूट, उपहार और पूजा सामग्री की दुकानों पर भी रौनक है। ख़रीदारी करते समय एक चीज़ ज़रूर देखिए: महिला स्वयं सहायता समूहों की बनाई हाथ की, पर्यावरण-अनुकूल सूती राखियाँ, जिन्हें हर साल थोड़ी और जगह मिलती जा रही है।
हैलोबनारस द्वारा सार्वजनिक स्रोतों के आधार पर तैयार: KTV Varanasi · Live Aaryaavart