सावन में काशी विश्वनाथ धाम: गुरुवार को सहज दर्शन, गोदौलिया में आकार लेता रोपवे स्टेशन
सावन का महीना और काशी — हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजती गलियां, बेलपत्र और गंगाजल लिए चलते श्रद्धालु। सोमवार को बाबा विश्वनाथ के दरबार में सबसे घनी भीड़ उमड़ती है, पर इस सप्ताह का गुरुवार सुखद रहा। 13 अगस्त, सावन के गुरुवार को काशी विश्वनाथ धाम के गेट नंबर 4 के आसपास का नजारा आम दिनों जैसा सहज दिखा — कतारें छोटी थीं और दर्शन आराम से हो रहे थे। गोदौलिया चौराहे से धाम तक का रास्ता श्रद्धालुओं का सबसे जाना-पहचाना मार्ग है और गेट नंबर 4 सबसे लोकप्रिय प्रवेश द्वार। सप्ताह के बीच के दिनों में यहां आवाजाही काफी आसान रहती है। इसलिए यदि लंबी कतारें आपके लिए कठिन हों, तो सावन में सोमवार की बजाय मंगलवार से शुक्रवार के बीच का दिन चुनिए और सुबह जल्दी पहुंचिए — दर्शन का अनुभव कहीं अधिक शांत और सुखद रहेगा। इसी पैदल यात्रा में बदलती काशी की झलक भी मिलती है। गोदौलिया के पास रोपवे स्टेशन का निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है। कैंट स्टेशन से गोदौलिया क्षेत्र तक प्रस्तावित यह शहरी परिवहन रोपवे देश की अग्रणी परियोजनाओं में गिना जाता है। इसके बनने पर पुराने शहर की सबसे व्यस्त सड़कों के ऊपर से चंद मिनटों में धाम के करीब पहुंचना संभव होगा। उधर गंगा जी का जलस्तर भी अब धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है और घाटों की दिनचर्या लौट रही है। सच है — सावन की काशी अपने आप में एक उत्सव है। अवसर मिले तो इस पावन महीने में बाबा की नगरी जरूर आइए। हर हर महादेव!
हैलोबनारस द्वारा सार्वजनिक स्रोतों के आधार पर तैयार: