सावन का पहला सोमवार: काशी विश्वनाथ धाम में उमड़ा आस्था का जनसैलाब
सावन का पवित्र महीना शुरू होते ही काशी एक बार फिर भक्ति के रंग में रंग गई है। सावन 2026 के पहले सोमवार को श्री काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं का रिकॉर्ड जनसैलाब उमड़ा। भोर से पहले ही गोदौलिया और मैदागिन से लंबी कतारें लग गईं और गलियों में 'हर हर महादेव' का उद्घोष गूंजता रहा। सावन मास भगवान शिव को अत्यंत प्रिय माना जाता है। इस महीने के सोमवार, जिन्हें सावन सोमवार कहा जाता है, का विशेष महत्व है — श्रद्धालु व्रत रखते हैं और शिवलिंग पर गंगाजल से जलाभिषेक करते हैं। बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक बाबा विश्वनाथ के धाम में यह परंपरा और भी विशेष हो जाती है, जहाँ भक्त घाटों से गंगाजल भरकर भव्य कॉरिडोर से होते हुए गर्भगृह तक पहुँचते हैं। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के विशाल प्रांगण और व्यवस्थित कतार प्रणाली ने भारी भीड़ के बावजूद दर्शन को सुगम बनाया। जगह-जगह पेयजल, चिकित्सा शिविर और स्वयंसेवकों की व्यवस्था रही। घाटों से धाम तक केसरिया वस्त्रधारी कांवरियों की कतारें अद्भुत दृश्य प्रस्तुत कर रही थीं। आस्था का यह उत्सव केवल मुख्य मंदिर तक सीमित नहीं रहा। केदार घाट स्थित प्राचीन गौरी केदारेश्वर मंदिर में भी भक्तों की भारी भीड़ जुटी। यह मंदिर काशी के सबसे पुराने शिव मंदिरों में गिना जाता है। आगे और भी सावन सोमवार आने वाले हैं। श्रद्धालुओं के लिए सुझाव है कि वे भोर या देर शाम दर्शन की योजना बनाएँ, आधिकारिक कतार व्यवस्था का पालन करें और पानी साथ रखें। काशी का सबसे सुंदर महीना अभी शुरू ही हुआ है।
हैलोबनारस द्वारा सार्वजनिक स्रोतों के आधार पर तैयार: