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दो दिन में काशी: कम बजट में बनारस घूमने की पूरी योजना

जानकारीपूर्ण पोस्ट · हैलोबनारस द्वारा संकलित

काशी की यात्रा के लिए ज़रूरी नहीं कि आपके पास लंबी छुट्टियाँ हों। दिल्ली समेत देश के लगभग हर बड़े शहर से वाराणसी के लिए सीधी ट्रेनें उपलब्ध हैं, और सोच-समझकर बनाई गई दो दिन की योजना में आप काशी विश्वनाथ धाम, गंगा के घाट, संध्या गंगा आरती और सारनाथ — सब कुछ कम खर्च में देख सकते हैं। पहला दिन पुरानी काशी के नाम रखिए। सुबह जल्दी पहुँचकर गोदौलिया या घाटों के पास किसी बजट गेस्ट हाउस में ठहरें और सबसे पहले बाबा विश्वनाथ के दर्शन करें। विश्वनाथ धाम कॉरिडोर बनने के बाद ललिता घाट से मंदिर तक का रास्ता बेहद व्यवस्थित हो गया है — कतारें सुचारु हैं और संकेतक स्पष्ट। दर्शन के बाद विश्वनाथ गली में कचौड़ी-सब्ज़ी, चाट और बनारसी पान का आनंद लें, फिर शाम को दशाश्वमेध घाट की विश्वप्रसिद्ध गंगा आरती देखें। अच्छी जगह पाने के लिए आरती से लगभग पौन घंटा पहले पहुँचना ठीक रहता है। दूसरे दिन की शुरुआत गंगा से कीजिए। सुबह-सुबह अस्सी या दशाश्वमेध घाट से नौका विहार करें — अर्धचंद्राकार घाटों की छटा, मंदिरों के शिखर और सदियों पुराने भवन इसी समय सबसे सुंदर दिखते हैं। इसके बाद सारनाथ जाएँ, जहाँ भगवान बुद्ध ने अपना पहला उपदेश दिया था। धमेक स्तूप और पुरातत्व संग्रहालय आधे दिन में आराम से देखे जा सकते हैं। बजट यात्रियों के लिए काशी बेहद अनुकूल शहर है — पुराना शहर पैदल घूमने में ही सबसे अच्छा लगता है, स्ट्रीट फूड सस्ता और स्वादिष्ट है, और प्रमुख स्थलों तक शेयर ऑटो आसानी से मिल जाते हैं। सावन या बरसात के मौसम में आ रहे हों तो सोमवार को भीड़ अधिक रहती है और गंगा का जलस्तर बढ़ा रहता है — ऐसे में दर्शन सुबह जल्दी करें और कार्यक्रम में थोड़ा लचीलापन रखें।

हैलोबनारस द्वारा सार्वजनिक स्रोतों के आधार पर तैयार: