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💎 छिपे हुए रत्नसुबह📍 कबीरचौरा मठ, लहरतारा के पास
कबीरचौरा मठ जाओ — संत कबीर की जन्मस्थली
श्रेणी
💎 छिपे हुए रत्न
सर्वोत्तम समय
🕒 सुबह
स्थान
📍 कबीरचौरा मठ, लहरतारा के पास
ज़्यादातर लोग घाटों पर ही घूमते रहते हैं और कबीरचौरा मठ मिस कर देते हैं — यही वो जगह है जहाँ 15वीं सदी के संत कवि कबीर का जन्म हुआ। माहौल बहुत शांत और दार्शनिक है। सुबह जाओ जब साधु कबीर के दोहे सुनाते हैं। अंदर एक छोटा म्यूज़ियम भी है। गोदौलिया से ऑटो से 15 मिनट लगते हैं।