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वाराणसी 3 दिन की यात्रा: बनारस घाट और मंदिर

Varanasi 3 Day Itinerary: Explore Banaras Ghats & Temples

वाराणसी 3 दिन की यात्रा

तीन दिनों में गंगा के पावन तट पर काशी की लय को महसूस करें।

अस्सी घाट से शुरू होकर दशाश्वमेध और मणिकर्णिका तक उत्तर की ओर बढ़ें। यह योजना नाव यात्रा, मंदिर दर्शन और सायंकालीन आरती को एक पूर्ण परिचय में पिरोती है।

एक नज़र में

3दिन
84घाट
5प्रमुख स्थल
1यूनेस्को स्थल
16वीं शताब्दीमूल

सर्वोत्तम अनुभव

बनारस यात्रा को यादगार बनाने वाले क्षण चुनें।

🌊

गंगा आरती

दशाश्वमेध घाट पर सैकड़ों दीयों के साथ सायंकालीन अनुष्ठान।

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काशी विश्वनाथ

पुराने शहर के केंद्र में प्राचीन ज्योतिर्लिंग मंदिर।

🚣

नाव यात्रा

अस्सी से राज घाट तक सूर्योदय या सूर्यास्त की सवारी।

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मणिकर्णिका

मुख्य श्मशान घाट पर अनंत ज्वाला का दर्शन।

🌅

सारनाथ

बौद्ध स्तूप और मृगदाव, मात्र 10 किमी उत्तर में।

दिन-दर-दिन योजना

1

दिन 1: दक्षिणी घाट और अस्सी

अस्सी घाट से सूर्योदय नाव से शुरुआत, तुलसी मानस मंदिर दर्शन, भेलूपुर की गलियाँ, फिर दशाश्वमेध पर आरती।

2

दिन 2: पुराने शहर के मंदिर

काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, अन्नपूर्णा मंदिर और ठठेरी बाज़ार की संकरी गलियाँ, फिर मणिकर्णिका घाट पर सूर्यास्त।

3

दिन 3: सारनाथ और प्रस्थान

सुबह सारनाथ के धमेक स्तूप और संग्रहालय, फिर सिगरा या कैंटोनमेंट से आगे की यात्रा।

स्थानीय लोगों के सुझाव

सर्वोत्तम समय

अक्टूबर से मार्च तक मौसम सुहावना रहता है; गर्मियों की दोपहर से बचें।

कैसे पहुँचें

वाराणसी जंक्शन या कैंट स्टेशन अधिकांश शहरों से जुड़ा है; लाल बहादुर शास्त्री हवाई अड्डा 25 किमी दूर है।

क्या पहनें / लाएँ

हल्के सूती कपड़े, आरामदायक जूते और मंदिर के लिए शॉल; पानी और छोटी टॉर्च साथ रखें।

आसपास घूमना

पुराने शहर में साइकिल रिक्शा या ई-रिक्शा का उपयोग करें; पूरे घाट कवर करने के लिए नाव किराए पर लें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तीन दिनों में कितने घाट देखें?

पाँच-छह मुख्य घाटों पर ध्यान दें: अस्सी, दशाश्वमेध, मणिकर्णिका, सिंधिया और राज घाट। इससे शहर का आध्यात्मिक चक्र बिना जल्दबाजी के कवर हो जाता है।

क्या सारनाथ इस योजना में शामिल है?

हाँ, तीसरा दिन सारनाथ को समर्पित है, जो केंद्रीय वाराणसी से एक घंटे से कम में पहुँचा जा सकता है।

क्या बिना गाइड के यात्रा संभव है?

हाँ, घाट और मुख्य मंदिर अच्छी तरह चिह्नित हैं; स्थानीय नाविक और रिक्शा चालक व्यावहारिक सहायता देते हैं।

यदि केवल दो दिन हों तो?

दिन 1 और 2 को मिला लें, सारनाथ को छोड़ दें और नदी तट तथा विश्वनाथ मंदिर पर ध्यान दें।

महिला यात्रियों के लिए सुरक्षा?

घाट और मुख्य मंदिर क्षेत्र दिन में सुरक्षित हैं; रात में समूह में यात्रा करें और दशाश्वमेध के पास रोशनी वाले रास्ते चुनें।

मणिकर्णिका के लिए विशेष अनुमति?

निर्धारित दृश्य बिंदुओं से देखने के लिए अनुमति नहीं लगती; स्थानीय रीति-रिवाज का सम्मान करें और श्मशान की फोटोग्राफी से बचें।