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गाइडसंस्कृति

वाराणसी में बनारसी होली 2027

पढ़ने में 5 मिनट

बनारसी होली 2027: काशी का रंगों का उत्सव

2027 में होलिका दहन रविवार, 21 मार्च को और रंगों वाली होली सोमवार, 22 मार्च को है। काशी में यह उत्सव पहले शुरू हो जाता है: गुरुवार, 18 मार्च को काशी विश्वनाथ में रंगभरी एकादशी, और अगले दिन मणिकर्णिका घाट पर मसान होली। बनारसी होली घाटों और गलियों को रंग, संगीत और भक्ति से भर देती है।

बनारसी होली 2027 की तिथियाँ

18 मार्च
रंगभरी एकादशी
19 मार्च
मसान होली (संभावित)
21 मार्च
होलिका दहन
22 मार्च
रंगों वाली होली

बनारसी होली की आत्मा

काशी की होली भारत में सबसे अलग है। होली की पूर्व संध्या पर शहर भर के चौराहों और मोहल्लों में होलिका दहन की अग्नि जलाई जाती है। अगली सुबह पूरा शहर रंगों में डूब जाता है — पुराने शहर की गलियों और घाटों पर गुलाल और पानी से होली खेली जाती है। अस्सी घाट, दशाश्वमेध घाट और गोदौलिया के आसपास की सड़कें सबसे ज़्यादा भीड़ वाली रहती हैं।

शहर के त्योहारों के पूरे कैलेंडर के लिए हमारा पृष्ठ वाराणसी के त्योहार और कार्यक्रम देखें। होलिका दहन मुहूर्त के लिए होली 2027: तिथि और मुहूर्त देखें।

रंगभरी एकादशी: जहाँ से काशी की होली शुरू होती है

फाल्गुन शुक्ल पक्ष की एकादशी, रंगभरी एकादशी, 2027 में गुरुवार, 18 मार्च को है। काशी में यह भगवान शिव के विवाह के बाद माता पार्वती को काशी लाने का उत्सव है। बाबा विश्वनाथ और माता गौरा की प्रतिमाएँ पालकी में काशी विश्वनाथ मंदिर ले जाई जाती हैं, और भक्त उन पर अबीर-गुलाल बरसाते हैं। बनारस के लिए होली इसी दिन से शुरू होती है।

मणिकर्णिका घाट पर मसान होली

रंगभरी एकादशी के अगले दिन, 2027 में संभवतः शुक्रवार, 19 मार्च को, शिव भक्त मणिकर्णिका घाट पर चिता की भस्म से होली खेलते हैं। मसान होली काशी की इस मान्यता को व्यक्त करती है कि मृत्यु से डरना नहीं चाहिए। घाट पूरे समय एक चालू श्मशान रहता है। यहाँ बहुत भीड़ होती है और शोक में डूबे परिवार भी होते हैं, इसलिए चिताओं या शोकाकुल लोगों की तस्वीरें लेना बहुत अनुचित है। तिथि स्थानीय रूप से पुष्टि कर लें, क्योंकि यह आयोजकों की घोषणा पर निर्भर करती है।

बनारसी होली 2027 की समयरेखा

गुरु 18 मार्च
रंगभरी एकादशी: अबीर-गुलाल के साथ बाबा विश्वनाथ की पालकी यात्रा; काशी में होली का आरंभ।
शुक्र 19 मार्च
मणिकर्णिका घाट पर चिता भस्म से मसान होली (संभावित; स्थानीय पुष्टि करें)।
रवि 21 मार्च
होलिका दहन: सूर्यास्त के बाद मुहूर्त में शहर भर में होलिका की अग्नि।
सोम 22 मार्च
होली: सुबह से लगभग दोपहर तक रंग, फिर स्नान, नए कपड़े और शाम को मिठाइयों के साथ मिलना-जुलना।

बनारसी होली के लिए सुरक्षा सुझाव

पुराने कपड़े पहनें; रंग के दाग पक्के हो सकते हैं।
त्वचा और आँखों की जलन से बचने के लिए हर्बल या प्राकृतिक रंग चुनें।
भांग की ठंडाई तेज़ होती है और इसका असर देर से होता है; सावधानी से पिएँ, या न पिएँ।
रंग हर किसी पर डाला जाता है, यह मानकर चलें। भीड़ वाली गलियों में समूह में रहें।
फ़ोन और कैमरा वाटरप्रूफ़ थैली में रखें, और पानी साथ रखें।
होली की सुबह ज़्यादातर दुकानें और रेस्तराँ बंद रहते हैं; खाने की योजना पहले से बनाएँ और ठहरने की बुकिंग जल्दी करें।

बनारसी होली कहाँ देखें

नदी किनारे रंगों के लिए वाराणसी के सबसे अच्छे घाट पर जाएँ। शाम को गंगा आरती दिन का आध्यात्मिक समापन है। होली ठंडाई और गुझिया का भी मौसम है; हमारी वाराणसी के स्ट्रीट फ़ूड की गाइड देखें।

बनारसी होली की व्यावहारिक जानकारी

सबसे अच्छा समय

रंगभरी एकादशी देखने के लिए 18 मार्च 2027 तक पहुँचें, और 22 मार्च की होली तक रुकें।

प्रवेश शुल्क

घाटों और सड़कों पर सार्वजनिक उत्सव निःशुल्क हैं।

दूरियाँ

हवाई अड्डा (बाबतपुर) से घाट: लगभग 25–30 किमी, करीब एक घंटा। गोदौलिया से दशाश्वमेध घाट: 1 किमी से कम, पैदल।

आपातकाल

पुलिस और सभी आपात स्थितियों के लिए 112, एम्बुलेंस के लिए 108 डायल करें।

बनारसी होली पर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2027 में वाराणसी में होली कब है?

होलिका दहन रविवार, 21 मार्च 2027 को और रंगों वाली होली सोमवार, 22 मार्च 2027 को है। रंगभरी एकादशी गुरुवार, 18 मार्च को है।

बनारसी होली में क्या खास है?

काशी में होली कई दिन पहले शुरू हो जाती है — काशी विश्वनाथ में रंगभरी एकादशी और मणिकर्णिका घाट पर मसान होली से — और फिर होली के दिन पूरा शहर रंगों में खेलता है।

मसान होली क्या है?

रंगभरी एकादशी के अगले दिन मणिकर्णिका घाट पर चिता की भस्म से खेली जाने वाली होली, जो 2027 में संभवतः 19 मार्च को होगी। यह एक चालू श्मशान पर होने वाली पवित्र परंपरा है, इसलिए सम्मान बनाए रखें।

बनारसी होली के लिए रंग कहाँ से खरीदें?

होली से पहले के दिनों में गोदौलिया के आसपास के बाज़ारों और पूरे शहर में गुलाल की दुकानें लगती हैं। हर्बल रंग चुनें।

क्या बनारसी होली पर्यटकों के लिए सुरक्षित है?

हाँ, समझदारी से: समूह में रहें, प्राकृतिक रंगों का उपयोग करें, भांग से सावधान रहें और अपना फ़ोन सुरक्षित रखें।

होली पर वाराणसी कैसे पहुँचें?

बाबतपुर के लाल बहादुर शास्त्री हवाई अड्डे तक उड़ान लें, या वाराणसी जंक्शन (कैंट) तक ट्रेन से आएँ। होली के आसपास यात्रा में भीड़ रहती है, इसलिए जल्दी बुकिंग करें।

बनारसी होली में क्या खाएँ?

ठंडाई और गुझिया बनारस की होली के खास स्वाद हैं।