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बनारसी लस्सी वाराणसी: बनारस की परंपरागत लस्सी

बनारसी लस्सी वाराणसी: बनारस की परंपरागत लस्सी

Banarasi Lassi Varanasi: Best Traditional Lassi in Banaras

वाराणसी में बनारसी लस्सी

काशी की गलियों में सुबह की शुरुआत करने वाला मलाईदार दही पेय।

बनारसी लस्सी दशाश्वमेध घाट और अस्सी घाट के पास पीढ़ियों से मिट्टी के कुल्हड़ों में परोसी जाती रही है। पुराने शहर में दी जाने वाली मलाई वाली लस्सी आज भी बेजोड़ है। स्थानीय लोग और तीर्थयात्री इस ठंडे और मीठे पेय से दिन की शुरुआत करते हैं।

एक नज़र में

100+वर्षों की परंपरा
84निकट के घाट
50+प्रसिद्ध लस्सी ठिकाने
1900 के दशकपुराने शहर में शुरुआत
3-4क्लासिक स्वाद

बनारसी लस्सी के सर्वश्रेष्ठ स्वाद

घाटों के आसपास हर कोने का अपना अनोखा संस्करण होता है।

🥛

क्लासिक मलाई

ताज़ा मलाई से ढका गाढ़ा दही, दशाश्वमेध के पास परोसा जाता है।

🌺

गुलाब और केसर

हल्के पुष्पीय स्वाद अस्सी घाट और भेलूपुर गलियों में लोकप्रिय।

🍽️

आम सीजनल

लंका और सिगरा में स्थानीय लंगड़ा आम से बनाया जाने वाला ग्रीष्मकालीन विशेष।

🪔

ड्राई फ्रूट

काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के पास बादाम और पिस्ता वाला संस्करण।

प्रामाणिक लस्सी का आनंद कैसे लें

1

पुराने शहर पहुंचें

सुबह जल्दी दशाश्वमेध घाट या अस्सी घाट के पीछे की गलियों में जाएं।

2

व्यस्त स्टॉल चुनें

भीड़ और ताज़ा कुल्हड़ भरते देखें।

3

मलाई स्पेशल मंगवाएं

अतिरिक्त मलाई मांगें और हाथ से फेंटते देखें।

4

तुरंत पिएं

घाट की सीढ़ियों पर खड़े होकर या बैठकर ठंडी-ठंडी पिएं।

यहां रहने वालों के सुझाव

सर्वोत्तम समय

सुबह 6 से 10 बजे के बीच जाएं जब ताज़ा बैच तैयार होते हैं।

कैसे पहुंचें

दशाश्वमेध से पैदल या अस्सी घाट से साइकिल रिक्शा लें।

क्या साथ लाएं

नकद रखें; अधिकांश पारंपरिक स्टॉल कार्ड या यूपीआई नहीं लेते।

स्थानीय रिवाज

दोस्तों के साथ कुल्हड़ साझा करें; अकेले खत्म करना उदार माना जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बनारसी लस्सी को क्या खास बनाता है?

यह अधिकांश उत्तर भारतीय संस्करणों से गाढ़ी होती है और हमेशा मिट्टी के कुल्हड़ में परोसी जाती है जो हल्का मिट्टी का स्वाद देता है।

सबसे प्रसिद्ध स्टॉल कहां स्थित हैं?

दशाश्वमेध घाट के पीछे, अस्सी घाट के पास और पुराने शहर की ठठेरी बाजार गलियों में समूह मिलते हैं।

क्या बनारसी लस्सी पूरे साल उपलब्ध रहती है?

हां, हालांकि आम और अन्य फल वाले संस्करण मुख्य रूप से मार्च से जून तक गर्मियों में दिखाई देते हैं।

क्या शुगर-फ्री या लो-फैट विकल्प मिलते हैं?

पारंपरिक दुकानें शायद ही ये पेश करती हैं; कम मीठा चाहें तो “प्लेन दही” मांगें।

सड़क के स्टॉल से लस्सी पीना सुरक्षित है?

उच्च टर्नओवर वाले व्यस्त स्टॉल चुनें जहां ताज़ा दही आपके सामने फेंटा जाए।

क्या लस्सी किसी स्थानीय नाश्ते के साथ जाती है?

इसे अक्सर कचौड़ी, जलेबी के साथ या घाट जाने से पहले अकेले लिया जाता है।