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वाराणसी की सर्वश्रेष्ठ मिठाई की दुकानें | बनारस मिठाई गाइड

वाराणसी की सर्वश्रेष्ठ मिठाई की दुकानें | बनारस मिठाई गाइड

Best Sweet Shops in Varanasi | Banaras Mithai Guide

वाराणसी की सर्वश्रेष्ठ मिठाई की दुकानें

घाटों और पुरानी बस्तियों के पास असली बनारसी मिठाइयाँ खोजें।

वाराणसी की मिठाई परंपरा मंदिरों की भेंट और नदी किनारे के जीवन से जुड़ी है। दशाश्वमेध, अस्सी घाट और बंगाली टोला के आसपास की गलियाँ मलाईयो, रबड़ी और पेड़ा परोसती हैं।

एक नज़र में

500वर्षों की मिठाई बनाने की परंपरा
84घाट पैदल दूरी पर
15प्रतीकात्मक बनारसी किस्में
4मुख्य मिठाई क्षेत्र
2घंटे का आदर्श स्वाद समय

सर्वश्रेष्ठ मिठाइयाँ कहाँ मिलें

हर मुहल्ला नदी और मंदिरों से जुड़े अपने स्वाद प्रदान करता है।

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दशाश्वमेध क्षेत्र

मुख्य घाट के पीछे की व्यस्त गलियाँ ताज़ा पेड़ा और लड्डू परोसती हैं।

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अस्सी घाट

शांत नदी किनारे की दुकानें सर्दियों की सुबह मलाईयो के लिए मशहूर हैं।

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बंगाली टोला

पुरानी इमारतें नाजुक संदेश और छेना मिठाइयाँ बनाती हैं।

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लंका (बीएचयू के पास)

छात्रों की पसंदीदा जगहें सस्ती रबड़ी और खीर के लिए।

बनारसी मिठाइयाँ चखने के चरण

1

सुबह जल्दी शुरू करें

सूर्योदय से पहले घाट पहुँचें ताकि मलाईयो मिल सके।

2

गलियाँ पैदल तय करें

दशाश्वमेध और अस्सी के पीछे की संकरी गलियों में पारिवारिक दुकानें हैं।

3

मौसम के अनुसार चखें

सर्दियों की मलाईयो और गर्मियों की ठंडाई असली बनारसी स्वाद देती हैं।

4

चाय के साथ जोड़ें

ज्यादातर दुकानें मिठाई के साथ छोटा मसाला चाय का कप देती हैं।

यहाँ रहने वालों के सुझाव

सर्वोत्तम समय

मलाईयो के लिए अक्टूबर से मार्च; सुबह जल्दी भीड़ और गर्मी से बचाती है।

कैसे पहुँचें

अस्सी या दशाश्वमेध तक नाव लें फिर पैदल चलें; कैंटोनमेंट या सिगरा से साइकिल रिक्शा अच्छा विकल्प है।

क्या साथ लाएँ

छोटे नोट, पानी की बोतल और हल्के सूती कपड़े साथ रखें; मिठाइयाँ अक्सर सादे कागज के डिब्बे में पैक होती हैं।

स्थानीय शिष्टाचार

बड़ी मात्रा खरीदने से पहले स्वाद चखें; कई दुकानें नियमित ग्राहकों को मुफ्त नमूने देती हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कौन से मुहल्लों में सबसे पुरानी मिठाई की दुकानें हैं?

दशाश्वमेध घाट के पीछे की गलियाँ और बंगाली टोला कई पीढ़ियों पुरानी हैं और पारंपरिक रेसिपी का इस्तेमाल करती हैं।

क्या मलाईयो पूरे साल उपलब्ध रहती है?

मलाईयो नवंबर से फरवरी तक सबसे अच्छी होती है; अन्य मौसमों में रबड़ी, पेड़ा और फल आधारित मिठाइयाँ मिलती हैं।

क्या नाव से मिठाई की दुकानों तक पहुँचा जा सकता है?

हाँ, नावें अस्सी और दशाश्वमेध पर रुकती हैं; वहाँ से दुकानें पैदल थोड़ी दूरी पर हैं।

क्या शाकाहारी विकल्प उपलब्ध हैं?

लगभग सभी पारंपरिक बनारसी मिठाइयाँ शाकाहारी होती हैं और दूध-घी से बनाई जाती हैं।

पहली बार आने वाले पर्यटक क्या आज़माएँ?

अस्सी से मलाईयो शुरू करें, फिर काशी विश्वनाथ के पास पेड़ा चखें और पुराने शहर में ठंडाई खत्म करें।

सारनाथ की दुकानें मुख्य शहर से अलग हैं?

सारनाथ की दुकानें बौद्ध तीर्थयात्रियों के लिए सरल दूध मिठाइयाँ बनाती हैं जबकि मुख्य शहर मंदिर शैली की समृद्ध मिठाइयाँ देता है।