त्योहार गाइड
अक्षय तृतीया 2024
अक्षय तृतीया हिंदू पंचांग के सबसे शुभ दिनों में से एक है।
संपन्न
- तिथि
- शुक्र, 10 मई 2024
- मुख्य मुहूर्त
- पूजा मुहूर्त · 5:15 – 11:54 पूर्वाह्न
दिन की योजना
शुभ समय और बचने योग्य समय
· वाराणसी का समय (भारतीय समय)
शुभ मुहूर्त
- अभिजित मुहूर्त53मि
- ब्रह्म मुहूर्त43मि
- अमृत काल1घं 31मि
- अमृत काल1घं 34मि · अगले दिन
इन समयों से बचें
- दुर्मुहूर्त53मि · पूजा मुहूर्त के समय से टकराता है
- राहु काल1घं 40मि · पूजा मुहूर्त के समय से टकराता है
- दुर्मुहूर्त53मि
- यम गण्डम1घं 40मि
सूर्य और चंद्रमा
- सूर्योदय
- 5:15 पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- 6:33 अपराह्न
- चंद्रोदय
- 6:47 पूर्वाह्न
- चंद्रास्त
- 9:06 अपराह्न
पर्व का दिन
शुक्र, 10 मई का पंचांग
- तिथि
- तृतीया, फिर चतुर्थी
- नक्षत्र
- रोहिणी
- योग
- अतिगंड
- करण
- तैतिल
- पक्ष
- शुक्ल
- मास
- वैशाख
- तिथि
- तृतीयाआरंभ समाप्त फिर चतुर्थीसमाप्त
- नक्षत्र
- रोहिणीआरंभ समाप्त
चौघड़िया, दिन और रात
दिन
- चलसामान्य
- लाभउत्तम
- अमृतउत्तम
- कालबचें
- रोगबचें
- शुभउत्तम
- उद्वेगबचें
- चलसामान्य
रात
- रोगबचें
- कालबचें
- लाभउत्तम
- उद्वेगबचें
- शुभउत्तम
- अमृतउत्तम
- चलसामान्य
- रोगबचें
कहानी
अक्षय तृतीया: महत्व और अनुष्ठान
'अक्षय' का अर्थ है अविनाशी — इस दिन शुरू या खरीदी गई कोई भी चीज़ स्थायी समृद्धि लाती है। यह स्वतः मुहूर्त माना जाता है — पूरा दिन शुभ है।
अनुष्ठान
सोना खरीदें या नए कार्य शुरू करें। विष्णु और लक्ष्मी पूजा करें। भोजन, वस्त्र और धन दान करें। इस दिन बिना मुहूर्त देखे कई विवाह होते हैं।
आगे देखें