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त्योहार गाइड

अक्षय तृतीया 2027

अक्षय तृतीया हिंदू पंचांग के सबसे शुभ दिनों में से एक है।

194 दिन शेष
तिथि
रवि, 9 मई 2027
मुख्य मुहूर्त
पूजा मुहूर्त · 5:16 – 9:03 पूर्वाह्न

दिन की योजना

शुभ समय और बचने योग्य समय

· वाराणसी का समय (भारतीय समय)

शुभ मुहूर्त

  • अभिजित मुहूर्त53मि
  • ब्रह्म मुहूर्त43मि
  • अमृत काल1घं 28मि

इन समयों से बचें

  • यम गण्डम1घं 39मि
  • दुर्मुहूर्त53मि
  • राहु काल1घं 39मि

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
5:16 पूर्वाह्न
सूर्यास्त
6:32 अपराह्न
चंद्रोदय
7:30 पूर्वाह्न
चंद्रास्त
9:48 अपराह्न

पर्व का दिन

रवि, 9 मई का पंचांग

तिथि
तृतीया, फिर चतुर्थी
नक्षत्र
मृगशिरा
योग
सुकर्म
करण
गर
पक्ष
शुक्ल
मास
वैशाख
तिथि
तृतीयाआरंभ समाप्त फिर चतुर्थीसमाप्त
नक्षत्र
मृगशिराआरंभ समाप्त

चौघड़िया, दिन और रात

दिन

  • उद्वेगबचें
  • चलसामान्य
  • लाभउत्तम
  • अमृतउत्तम
  • कालबचें
  • रोगबचें
  • शुभउत्तम
  • उद्वेगबचें

रात

  • शुभउत्तम
  • अमृतउत्तम
  • चलसामान्य
  • रोगबचें
  • कालबचें
  • लाभउत्तम
  • उद्वेगबचें
  • शुभउत्तम

कहानी

अक्षय तृतीया: महत्व और अनुष्ठान

'अक्षय' का अर्थ है अविनाशी — इस दिन शुरू या खरीदी गई कोई भी चीज़ स्थायी समृद्धि लाती है। यह स्वतः मुहूर्त माना जाता है — पूरा दिन शुभ है।

अनुष्ठान

सोना खरीदें या नए कार्य शुरू करें। विष्णु और लक्ष्मी पूजा करें। भोजन, वस्त्र और धन दान करें। इस दिन बिना मुहूर्त देखे कई विवाह होते हैं।

आगे देखें

अक्षय तृतीया पर और