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त्योहार गाइड

अक्षय तृतीया 2029

अक्षय तृतीया हिंदू पंचांग के सबसे शुभ दिनों में से एक है।

932 दिन शेष
तिथि
बुध, 16 मई 2029
मुख्य मुहूर्त
पूजा मुहूर्त · 5:12 – 11:54 पूर्वाह्न

दिन की योजना

शुभ समय और बचने योग्य समय

· वाराणसी का समय (भारतीय समय)

शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त42मि
  • अमृत काल1घं 43मि

इन समयों से बचें

  • यम गण्डम1घं 40मि · पूजा मुहूर्त के समय से टकराता है
  • दुर्मुहूर्त54मि · पूजा मुहूर्त के समय से टकराता है
  • राहु काल1घं 40मि

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
5:12 पूर्वाह्न
सूर्यास्त
6:36 अपराह्न
चंद्रोदय
7:09 पूर्वाह्न
चंद्रास्त
9:07 अपराह्न

पर्व का दिन

बुध, 16 मई का पंचांग

तिथि
तृतीया, फिर चतुर्थी
नक्षत्र
मृगशिरा
योग
सुकर्म
करण
तैतिल
पक्ष
शुक्ल
मास
वैशाख
तिथि
तृतीयाआरंभ समाप्त फिर चतुर्थीसमाप्त
नक्षत्र
मृगशिराआरंभ समाप्त

चौघड़िया, दिन और रात

दिन

  • लाभउत्तम
  • अमृतउत्तम
  • कालबचें
  • रोगबचें
  • शुभउत्तम
  • उद्वेगबचें
  • चलसामान्य
  • लाभउत्तम

रात

  • उद्वेगबचें
  • शुभउत्तम
  • अमृतउत्तम
  • चलसामान्य
  • रोगबचें
  • कालबचें
  • लाभउत्तम
  • उद्वेगबचें

कहानी

अक्षय तृतीया: महत्व और अनुष्ठान

'अक्षय' का अर्थ है अविनाशी — इस दिन शुरू या खरीदी गई कोई भी चीज़ स्थायी समृद्धि लाती है। यह स्वतः मुहूर्त माना जाता है — पूरा दिन शुभ है।

अनुष्ठान

सोना खरीदें या नए कार्य शुरू करें। विष्णु और लक्ष्मी पूजा करें। भोजन, वस्त्र और धन दान करें। इस दिन बिना मुहूर्त देखे कई विवाह होते हैं।

आगे देखें

अक्षय तृतीया पर और