त्योहार गाइड
विजयदशमी (दशहरा) 2029
विजयदशमी (दशहरा) दशानन राक्षस राज रावण पर भगवान राम की विजय और महिषासुर पर देवी दुर्गा की विजय का उत्सव है।
1089 दिन शेष
- तिथि
- मंगल, 16 अक्टूबर 2029
- मुख्य मुहूर्त
- विजय मुहूर्त · 1:38 – 2:25 अपराह्न
दिन की योजना
शुभ समय और बचने योग्य समय
· वाराणसी का समय (भारतीय समय)
शुभ मुहूर्त
- अभिजित मुहूर्त46मि
- ब्रह्म मुहूर्त50मि
- अमृत काल1घं 40मि
इन समयों से बचें
- दुर्मुहूर्त46मि
- यम गण्डम1घं 27मि
- राहु काल1घं 27मि
- दुर्मुहूर्त50मि
सूर्य और चंद्रमा
- सूर्योदय
- 5:56 पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- 5:29 अपराह्न
- चंद्रोदय
- 1:54 अपराह्न
- चंद्रास्त
- 1:22 पूर्वाह्न
पर्व का दिन
मंगल, 16 अक्टूबर का पंचांग
- तिथि
- दशमी, फिर एकादशी
- नक्षत्र
- श्रवण
- योग
- धृति
- करण
- तैतिल
- पक्ष
- शुक्ल
- मास
- आश्विन
- तिथि
- दशमीआरंभ समाप्त फिर एकादशीसमाप्त
- नक्षत्र
- श्रवणआरंभ समाप्त
चौघड़िया, दिन और रात
दिन
- रोगबचें
- उद्वेगबचें
- चलसामान्य
- लाभउत्तम
- अमृतउत्तम
- कालबचें
- शुभउत्तम
- रोगबचें
रात
- कालबचें
- लाभउत्तम
- उद्वेगबचें
- शुभउत्तम
- अमृतउत्तम
- चलसामान्य
- रोगबचें
- कालबचें
कहानी
विजयदशमी (दशहरा): महत्व और अनुष्ठान
यह बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है और हिंदू पंचांग के सबसे शुभ दिनों में से एक है।
अनुष्ठान
विजय मुहूर्त में शमी पूजा और अपराजिता पूजा करें। शस्त्र पूजा करें। रावण, मेघनाद और कुम्भकर्ण के पुतले जलाएँ। शमी के पत्ते (सोना) स्वर्ण के रूप में बाँटें।
स्थानीय रंग
वाराणसी में विजयदशमी (दशहरा)
वाराणसी की रामनगर रामलीला — विश्व की सबसे पुरानी और प्रामाणिक — दशहरा पर रामनगर किले में रावण के पुतले के भव्य दहन से समाप्त होती है। हज़ारों लोग किले के मैदान में एकत्र होते हैं। नदी के पार पुराने शहर में कई रामलीला समितियाँ अपने समारोह आयोजित करती हैं।
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