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त्योहार गाइड

गंगा दशहरा 2025

गंगा दशहरा स्वर्ग से पृथ्वी पर पवित्र गंगा नदी के अवतरण का उत्सव है।

संपन्न
तिथि
गुरु, 5 जून 2025
तिथि
दशमी · बुध, 4 जून, 11:54 अपराह्न – शुक्र, 6 जून, 2:16 पूर्वाह्न

दिन की योजना

शुभ समय और बचने योग्य समय

· वाराणसी का समय (भारतीय समय)

शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त41मि
  • अमृत काल1घं 48मि · अगले दिन तक

इन समयों से बचें

  • यम गण्डम1घं 42मि
  • दुर्मुहूर्त55मि
  • राहु काल1घं 42मि
  • दुर्मुहूर्त55मि

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
5:07 पूर्वाह्न
सूर्यास्त
6:46 अपराह्न
चंद्रोदय
1:47 अपराह्न
चंद्रास्त
1:34 पूर्वाह्न

पर्व का दिन

गुरु, 5 जून का पंचांग

तिथि
दशमी, फिर एकादशी
नक्षत्र
हस्त
योग
सिद्धि
करण
तैतिल
पक्ष
शुक्ल
मास
ज्येष्ठ
तिथि
दशमीआरंभ समाप्त फिर एकादशीसमाप्त
नक्षत्र
हस्तआरंभ समाप्त

चौघड़िया, दिन और रात

दिन

  • शुभउत्तम
  • रोगबचें
  • उद्वेगबचें
  • चलसामान्य
  • लाभउत्तम
  • अमृतउत्तम
  • कालबचें
  • शुभउत्तम

रात

  • अमृतउत्तम
  • चलसामान्य
  • रोगबचें
  • कालबचें
  • लाभउत्तम
  • उद्वेगबचें
  • शुभउत्तम
  • अमृतउत्तम

कहानी

गंगा दशहरा: महत्व और अनुष्ठान

यह ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को पड़ता है। इस दिन पवित्र स्नान दस पापों को धोने वाला माना जाता है (इसलिए दशहरा — दस + हर)।

अनुष्ठान

गंगा में पवित्र स्नान करें। नदी को फूल, दीये और दूध अर्पित करें। गंगा आरती करें। गरीबों को दान करें। व्रत रखें और भगवान शिव एवं गंगा देवी की पूजा करें।

स्थानीय रंग

वाराणसी में गंगा दशहरा

गंगा दशहरा वाराणसी के सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। भोर से घाटों पर स्नान करने वाले भक्तों की भीड़ उमड़ती है। दशाश्वमेध घाट पर भव्य गंगा आरती में भारी भीड़ आती है। रात को हज़ारों तैरते दीये नदी को जगमगा देते हैं।

आगे देखें

गंगा दशहरा पर और