
त्योहार गाइड 4862
गंगा दशहरा
गंगा दशहरा स्वर्ग से पृथ्वी पर पवित्र गंगा नदी के अवतरण का उत्सव है। यह ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को पड़ता है। इस दिन पवित्र स्नान दस पापों को धोने वाला माना जाता है (इसलिए दशहरा — दस + हर)।
कब पढ़ें
मंगलवार, 11 जुलाई 4862
मुख्य समय
स्नान मुहूर्त
उत्सव अवधि
एक दिन का पर्व
अब आने वाला
1035749 दिन बाद यह पर्व शुरू होगा।
पहले कहानी पढ़ें
समय देखने से पहले पर्व की धड़कन समझें
गंगा दशहरा को समझने का सबसे अच्छा तरीका है पहले मुख्य समय पढ़ना, फिर उससे जुड़ी स्थानीय परंपरा को देखना।
मनाया जाता है
मंगलवार, 11 जुलाई 4862
मुख्य समय
स्नान मुहूर्त
उत्सव अवधि
एक दिन का पर्व
त्योहार का महत्व
यह पर्व स्मृति में क्यों जीवित रहता है
गंगा दशहरा स्वर्ग से पृथ्वी पर पवित्र गंगा नदी के अवतरण का उत्सव है। यह ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को पड़ता है। इस दिन पवित्र स्नान दस पापों को धोने वाला माना जाता है (इसलिए दशहरा — दस + हर)।
अनुष्ठान पथ
अनुष्ठान
गंगा में पवित्र स्नान करें। नदी को फूल, दीये और दूध अर्पित करें। गंगा आरती करें। गरीबों को दान करें। व्रत रखें और भगवान शिव एवं गंगा देवी की पूजा करें।
कैसे समझें
उत्सव की लय
पहले समय पढ़ें, फिर मुख्य अनुष्ठान, फिर स्थानीय संदर्भ, ताकि पर्व की वास्तविक लय समझ आए।
वाराणसी में
जहां शहर अपनी अलग छाप जोड़ता है
गंगा दशहरा वाराणसी के सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। भोर से घाटों पर स्नान करने वाले भक्तों की भीड़ उमड़ती है। दशाश्वमेध घाट पर भव्य गंगा आरती में भारी भीड़ आती है। रात को हज़ारों तैरते दीये नदी को जगमगा देते हैं।