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त्योहार गाइड

गुरु पूर्णिमा 2029

गुरु पूर्णिमा गुरु (आध्यात्मिक शिक्षक) का सम्मान करती है और वेदों के संकलनकर्ता महर्षि व्यास को समर्पित है।

1004 दिन शेष
तिथि
बुध, 25 जुलाई 2029
तिथि
पूर्णिमा · मंगल, 24 जुलाई, 7:50 अपराह्न – 7:05 अपराह्न

दिन की योजना

शुभ समय और बचने योग्य समय

· वाराणसी का समय (भारतीय समय)

शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त42मि
  • अमृत काल1घं 36मि

इन समयों से बचें

  • यम गण्डम1घं 41मि
  • दुर्मुहूर्त54मि
  • राहु काल1घं 41मि

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
5:21 पूर्वाह्न
सूर्यास्त
6:47 अपराह्न
चंद्रोदय
6:39 अपराह्न

पर्व का दिन

बुध, 25 जुलाई का पंचांग

तिथि
पूर्णिमा, फिर प्रतिपदा
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
योग
विष्कम्भ
करण
विष्टि
पक्ष
शुक्ल
मास
आषाढ़
तिथि
पूर्णिमाआरंभ समाप्त फिर प्रतिपदासमाप्त
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ाआरंभ समाप्त

चौघड़िया, दिन और रात

दिन

  • लाभउत्तम
  • अमृतउत्तम
  • कालबचें
  • रोगबचें
  • शुभउत्तम
  • उद्वेगबचें
  • चलसामान्य
  • लाभउत्तम

रात

  • उद्वेगबचें
  • शुभउत्तम
  • अमृतउत्तम
  • चलसामान्य
  • रोगबचें
  • कालबचें
  • लाभउत्तम
  • उद्वेगबचें

कहानी

गुरु पूर्णिमा: महत्व और अनुष्ठान

यह सभी गुरुओं — आध्यात्मिक, शैक्षणिक और व्यक्तिगत — के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का दिन है।

अनुष्ठान

अपने गुरु से मिलें और आशीर्वाद लें। गुरु पूजा करें, फूल और दक्षिणा अर्पित करें। गुरु स्तोत्रम् का पाठ करें। कई आश्रमों में विशेष सत्संग और प्रवचन होते हैं।

स्थानीय रंग

वाराणसी में गुरु पूर्णिमा

विद्या की नगरी वाराणसी में गुरु पूर्णिमा विशेष श्रद्धा से मनाई जाती है। BHU और पारंपरिक गुरुकुलों में विशेष कार्यक्रम होते हैं। सारनाथ, जहाँ बुद्ध ने पहला उपदेश दिया, में बौद्ध समारोह होते हैं।

आगे देखें

गुरु पूर्णिमा पर और