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गुरु पूर्णिमा

त्योहार गाइड 3180

गुरु पूर्णिमा

गुरु पूर्णिमा गुरु (आध्यात्मिक शिक्षक) का सम्मान करती है और वेदों के संकलनकर्ता महर्षि व्यास को समर्पित है। यह सभी गुरुओं — आध्यात्मिक, शैक्षणिक और व्यक्तिगत — के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का दिन है।

421429दिन शेषगुरु पूजा मुहूर्त

कब पढ़ें

मंगलवार, 29 जुलाई 3180

मुख्य समय

गुरु पूजा मुहूर्त

उत्सव अवधि

एक दिन का पर्व

अब आने वाला

421429 दिन बाद यह पर्व शुरू होगा।

पहले कहानी पढ़ें

समय देखने से पहले पर्व की धड़कन समझें

गुरु पूर्णिमा को समझने का सबसे अच्छा तरीका है पहले मुख्य समय पढ़ना, फिर उससे जुड़ी स्थानीय परंपरा को देखना।

मनाया जाता है

मंगलवार, 29 जुलाई 3180

मुख्य समय

गुरु पूजा मुहूर्त

उत्सव अवधि

एक दिन का पर्व

त्योहार का महत्व

यह पर्व स्मृति में क्यों जीवित रहता है

गुरु पूर्णिमा गुरु (आध्यात्मिक शिक्षक) का सम्मान करती है और वेदों के संकलनकर्ता महर्षि व्यास को समर्पित है। यह सभी गुरुओं — आध्यात्मिक, शैक्षणिक और व्यक्तिगत — के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का दिन है।

अनुष्ठान पथ

अनुष्ठान

अपने गुरु से मिलें और आशीर्वाद लें। गुरु पूजा करें, फूल और दक्षिणा अर्पित करें। गुरु स्तोत्रम् का पाठ करें। कई आश्रमों में विशेष सत्संग और प्रवचन होते हैं।

कैसे समझें

उत्सव की लय

पहले समय पढ़ें, फिर मुख्य अनुष्ठान, फिर स्थानीय संदर्भ, ताकि पर्व की वास्तविक लय समझ आए।

वाराणसी में

जहां शहर अपनी अलग छाप जोड़ता है

विद्या की नगरी वाराणसी में गुरु पूर्णिमा विशेष श्रद्धा से मनाई जाती है। BHU और पारंपरिक गुरुकुलों में विशेष कार्यक्रम होते हैं। सारनाथ, जहाँ बुद्ध ने पहला उपदेश दिया, में बौद्ध समारोह होते हैं।