त्योहार गाइड
हनुमान जयंती 2024
हनुमान जयंती भगवान राम के परम भक्त और शक्ति, साहस व भक्ति के प्रतीक भगवान हनुमान के जन्म का उत्सव है।
संपन्न
- तिथि
- मंगल, 23 अप्रैल 2024
- तिथि
- पूर्णिमा · 3:26 पूर्वाह्न – बुध, 24 अप्रैल, 5:18 पूर्वाह्न
दिन की योजना
शुभ समय और बचने योग्य समय
· वाराणसी का समय (भारतीय समय)
शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त44मि
- अमृत काल1घं 46मि
इन समयों से बचें
- दुर्मुहूर्त52मि
- यम गण्डम1घं 37मि
- राहु काल1घं 37मि
- दुर्मुहूर्त44मि
सूर्य और चंद्रमा
- सूर्योदय
- 5:28 पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- 6:24 अपराह्न
- चंद्रोदय
- 6:01 अपराह्न
- चंद्रास्त
- 5:21 पूर्वाह्न
पर्व का दिन
मंगल, 23 अप्रैल का पंचांग
- तिथि
- पूर्णिमा, फिर प्रतिपदा
- नक्षत्र
- चित्रा
- योग
- वज्र
- करण
- विष्टि
- पक्ष
- शुक्ल
- मास
- चैत्र
- तिथि
- पूर्णिमाआरंभ समाप्त फिर प्रतिपदासमाप्त
- नक्षत्र
- चित्राआरंभ समाप्त
चौघड़िया, दिन और रात
दिन
- रोगबचें
- उद्वेगबचें
- चलसामान्य
- लाभउत्तम
- अमृतउत्तम
- कालबचें
- शुभउत्तम
- रोगबचें
रात
- कालबचें
- लाभउत्तम
- उद्वेगबचें
- शुभउत्तम
- अमृतउत्तम
- चलसामान्य
- रोगबचें
- कालबचें
कहानी
हनुमान जयंती: महत्व और अनुष्ठान
उत्तर भारत में चैत्र पूर्णिमा पर मनाया जाता है।
अनुष्ठान
हनुमान मंदिर जाएँ, हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करें। सिंदूर, तेल और लड्डू अर्पित करें। कई भक्त व्रत रखते हैं और अखंड पाठ करते हैं।
स्थानीय रंग
वाराणसी में हनुमान जयंती
वाराणसी का संकट मोचन मंदिर, भारत के सबसे प्रतिष्ठित हनुमान मंदिरों में से एक, भव्य मेले और पाठ के साथ मनाता है। यह मंदिर रामचरितमानस के रचयिता तुलसीदास द्वारा स्थापित किया गया था।
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