त्योहार गाइड
करवा चौथ 2029
करवा चौथ एक दिवसीय त्योहार है जिसमें विवाहित महिलाएँ अपने पति की दीर्घायु और समृद्धि के लिए सूर्योदय से चंद्रोदय तक व्रत रखती हैं।
1099 दिन शेष
- तिथि
- शुक्र, 26 अक्टूबर 2029
- मुख्य मुहूर्त
- चंद्रोदय समय · 8:06 अपराह्न
दिन की योजना
शुभ समय और बचने योग्य समय
· वाराणसी का समय (भारतीय समय)
शुभ मुहूर्त
- करवा चौथ पूजा मुहूर्त1घं 16मि
- उपवास का समय14घं 5मि
- अभिजित मुहूर्त45मि
- ब्रह्म मुहूर्त51मि
- अमृत काल1घं 47मि
इन समयों से बचें
- दुर्मुहूर्त45मि
- राहु काल1घं 25मि
- दुर्मुहूर्त45मि
- यम गण्डम1घं 25मि
सूर्य और चंद्रमा
- सूर्योदय
- 6:02 पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- 5:21 अपराह्न
- चंद्रोदय
- 8:06 अपराह्न
- चंद्रास्त
- 9:11 पूर्वाह्न
पर्व का दिन
शुक्र, 26 अक्टूबर का पंचांग
- तिथि
- चतुर्थी, फिर पंचमी
- नक्षत्र
- रोहिणी
- योग
- वरीयान
- करण
- बव
- पक्ष
- कृष्ण
- मास
- कार्तिक
- तिथि
- चतुर्थीआरंभ समाप्त फिर पंचमीसमाप्त
- नक्षत्र
- रोहिणीआरंभ समाप्त
चौघड़िया, दिन और रात
दिन
- चलसामान्य
- लाभउत्तम
- अमृतउत्तम
- कालबचें
- रोगबचें
- शुभउत्तम
- उद्वेगबचें
- चलसामान्य
रात
- रोगबचें
- कालबचें
- लाभउत्तम
- उद्वेगबचें
- शुभउत्तम
- अमृतउत्तम
- चलसामान्य
- रोगबचें
कहानी
करवा चौथ: महत्व और अनुष्ठान
उत्तर भारत — पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में व्यापक रूप से मनाया जाता है।
अनुष्ठान
सूर्योदय से व्रत रखें। दुल्हन जैसा श्रृंगार करें — लाल/गुलाबी कपड़े, मेहंदी, आभूषण। शाम को करवा चौथ पूजा करें। छलनी से चंद्रमा देखें, पति का चेहरा देखें, व्रत तोड़ें।
व्रत
सूर्योदय से चंद्रोदय तक निर्जला व्रत। सरगी (सास द्वारा तैयार भोर का भोजन) सूर्योदय से पहले खाया जाता है।
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