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त्योहार गाइड

मकर संक्रांति 2024

मकर संक्रांति सूर्य के मकर राशि में प्रवेश — उत्तरायण की शुरुआत का प्रतीक है।

संपन्न
तिथि
सोम, 15 जनवरी 2024
मुख्य मुहूर्त
पुण्य काल · 6:45 पूर्वाह्न – 5:29 अपराह्न

दिन की योजना

शुभ समय और बचने योग्य समय

· वाराणसी का समय (भारतीय समय)

शुभ मुहूर्त

  • महा पुण्य काल1घं 47मि
  • अभिजित मुहूर्त43मि
  • ब्रह्म मुहूर्त53मि
  • अमृत काल1घं 28मि · अगले दिन तक

इन समयों से बचें

  • राहु काल1घं 20मि · पुण्य काल के समय से टकराता है
  • यम गण्डम1घं 20मि · पुण्य काल के समय से टकराता है
  • दुर्मुहूर्त43मि · पुण्य काल के समय से टकराता है
  • दुर्मुहूर्त43मि · पुण्य काल के समय से टकराता है

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
6:45 पूर्वाह्न
सूर्यास्त
5:29 अपराह्न
चंद्रोदय
9:52 पूर्वाह्न
चंद्रास्त
9:41 अपराह्न

पर्व का दिन

सोम, 15 जनवरी का पंचांग

तिथि
पंचमी, फिर षष्ठी
नक्षत्र
शतभिषा
योग
वरीयान
करण
बव
पक्ष
शुक्ल
मास
पौष
तिथि
पंचमीआरंभ समाप्त फिर षष्ठीसमाप्त
नक्षत्र
शतभिषाआरंभ समाप्त

चौघड़िया, दिन और रात

दिन

  • अमृतउत्तम
  • कालबचें
  • रोगबचें
  • शुभउत्तम
  • उद्वेगबचें
  • चलसामान्य
  • लाभउत्तम
  • अमृतउत्तम

रात

  • चलसामान्य
  • रोगबचें
  • कालबचें
  • लाभउत्तम
  • उद्वेगबचें
  • शुभउत्तम
  • अमृतउत्तम
  • चलसामान्य

कहानी

मकर संक्रांति: महत्व और अनुष्ठान

यह पूरे भारत में अलग-अलग नामों से मनाई जाती है: पोंगल (तमिलनाडु), लोहड़ी (पंजाब), बिहू (असम), उत्तरायण (गुजरात)।

अनुष्ठान

सूर्योदय पर नदियों में पवित्र स्नान करें। पतंग उड़ाएँ (विशेषकर गुजरात और राजस्थान में)। तिल-गुड़ के लड्डू बनाएँ। दक्षिण भारत में कोलम/रंगोली बनाएँ और पोंगल चावल पकाएँ।

स्थानीय रंग

वाराणसी में मकर संक्रांति

वाराणसी में मकर संक्रांति पर घाटों पर गंगा स्नान के लिए भारी भीड़ होती है। शहर के आसमान में पतंगबाज़ी होती है। हर घाट और मंदिर पर तिल-गुड़ की मिठाइयाँ बांटी जाती हैं।

आगे देखें

मकर संक्रांति पर और