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त्योहार गाइड

मकर संक्रांति 2026

मकर संक्रांति सूर्य के मकर राशि में प्रवेश — उत्तरायण की शुरुआत का प्रतीक है।

संपन्न
तिथि
बुध, 14 जनवरी 2026
मुख्य मुहूर्त
पुण्य काल · 3:13 – 5:28 अपराह्न

दिन की योजना

शुभ समय और बचने योग्य समय

· वाराणसी का समय (भारतीय समय)

शुभ मुहूर्त

  • महा पुण्य काल1घं 47मि
  • ब्रह्म मुहूर्त53मि
  • अमृत काल1घं 48मि

इन समयों से बचें

  • यम गण्डम1घं 20मि
  • दुर्मुहूर्त43मि
  • राहु काल1घं 20मि

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
6:45 पूर्वाह्न
सूर्यास्त
5:28 अपराह्न
चंद्रोदय
3:57 पूर्वाह्न
चंद्रास्त
1:29 अपराह्न

पर्व का दिन

बुध, 14 जनवरी का पंचांग

तिथि
एकादशी, फिर द्वादशी
नक्षत्र
अनुराधा
योग
गंड
करण
बालव
पक्ष
कृष्ण
मास
माघ
तिथि
एकादशीआरंभ समाप्त फिर द्वादशीसमाप्त
नक्षत्र
अनुराधाआरंभ समाप्त

चौघड़िया, दिन और रात

दिन

  • लाभउत्तम
  • अमृतउत्तम
  • कालबचें
  • रोगबचें
  • शुभउत्तम
  • उद्वेगबचें
  • चलसामान्य
  • लाभउत्तम

रात

  • उद्वेगबचें
  • शुभउत्तम
  • अमृतउत्तम
  • चलसामान्य
  • रोगबचें
  • कालबचें
  • लाभउत्तम
  • उद्वेगबचें

कहानी

मकर संक्रांति: महत्व और अनुष्ठान

यह पूरे भारत में अलग-अलग नामों से मनाई जाती है: पोंगल (तमिलनाडु), लोहड़ी (पंजाब), बिहू (असम), उत्तरायण (गुजरात)।

अनुष्ठान

सूर्योदय पर नदियों में पवित्र स्नान करें। पतंग उड़ाएँ (विशेषकर गुजरात और राजस्थान में)। तिल-गुड़ के लड्डू बनाएँ। दक्षिण भारत में कोलम/रंगोली बनाएँ और पोंगल चावल पकाएँ।

स्थानीय रंग

वाराणसी में मकर संक्रांति

वाराणसी में मकर संक्रांति पर घाटों पर गंगा स्नान के लिए भारी भीड़ होती है। शहर के आसमान में पतंगबाज़ी होती है। हर घाट और मंदिर पर तिल-गुड़ की मिठाइयाँ बांटी जाती हैं।

आगे देखें

मकर संक्रांति पर और