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त्योहार गाइड

मकर संक्रांति 2028

मकर संक्रांति सूर्य के मकर राशि में प्रवेश — उत्तरायण की शुरुआत का प्रतीक है।

446 दिन शेष
तिथि
शनि, 15 जनवरी 2028
मुख्य मुहूर्त
पुण्य काल · 6:45 पूर्वाह्न – 5:29 अपराह्न

दिन की योजना

शुभ समय और बचने योग्य समय

· वाराणसी का समय (भारतीय समय)

शुभ मुहूर्त

  • महा पुण्य काल1घं 47मि
  • अभिजित मुहूर्त43मि
  • ब्रह्म मुहूर्त53मि
  • अमृत काल1घं 26मि
  • अमृत काल1घं 27मि · अगले दिन

इन समयों से बचें

  • दुर्मुहूर्त43मि · पुण्य काल के समय से टकराता है
  • दुर्मुहूर्त43मि · पुण्य काल के समय से टकराता है
  • राहु काल1घं 20मि · पुण्य काल के समय से टकराता है
  • यम गण्डम1घं 20मि · पुण्य काल के समय से टकराता है

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
6:45 पूर्वाह्न
सूर्यास्त
5:29 अपराह्न
चंद्रोदय
9:12 अपराह्न
चंद्रास्त
8:56 पूर्वाह्न

पर्व का दिन

शनि, 15 जनवरी का पंचांग

तिथि
चतुर्थी, फिर पंचमी
नक्षत्र
मघा
योग
सौभाग्य
करण
बव
पक्ष
कृष्ण
मास
माघ
तिथि
चतुर्थीआरंभ समाप्त फिर पंचमीसमाप्त
नक्षत्र
मघाआरंभ समाप्त

चौघड़िया, दिन और रात

दिन

  • कालबचें
  • शुभउत्तम
  • रोगबचें
  • उद्वेगबचें
  • चलसामान्य
  • लाभउत्तम
  • अमृतउत्तम
  • कालबचें

रात

  • लाभउत्तम
  • उद्वेगबचें
  • शुभउत्तम
  • अमृतउत्तम
  • चलसामान्य
  • रोगबचें
  • कालबचें
  • लाभउत्तम

कहानी

मकर संक्रांति: महत्व और अनुष्ठान

यह पूरे भारत में अलग-अलग नामों से मनाई जाती है: पोंगल (तमिलनाडु), लोहड़ी (पंजाब), बिहू (असम), उत्तरायण (गुजरात)।

अनुष्ठान

सूर्योदय पर नदियों में पवित्र स्नान करें। पतंग उड़ाएँ (विशेषकर गुजरात और राजस्थान में)। तिल-गुड़ के लड्डू बनाएँ। दक्षिण भारत में कोलम/रंगोली बनाएँ और पोंगल चावल पकाएँ।

स्थानीय रंग

वाराणसी में मकर संक्रांति

वाराणसी में मकर संक्रांति पर घाटों पर गंगा स्नान के लिए भारी भीड़ होती है। शहर के आसमान में पतंगबाज़ी होती है। हर घाट और मंदिर पर तिल-गुड़ की मिठाइयाँ बांटी जाती हैं।

आगे देखें

मकर संक्रांति पर और