त्योहार गाइड
नाग पंचमी 2025
नाग पंचमी नाग देवताओं की पूजा को समर्पित है।
संपन्न
- तिथि
- मंगल, 29 जुलाई 2025
- मुख्य मुहूर्त
- नाग पंचमी पूजा मुहूर्त · 5:23 – 8:04 पूर्वाह्न
दिन की योजना
शुभ समय और बचने योग्य समय
· वाराणसी का समय (भारतीय समय)
शुभ मुहूर्त
- अभिजित मुहूर्त53मि
- ब्रह्म मुहूर्त43मि
- अमृत काल1घं 43मि
इन समयों से बचें
- दुर्मुहूर्त53मि
- यम गण्डम1घं 40मि
- राहु काल1घं 40मि
- दुर्मुहूर्त43मि
सूर्य और चंद्रमा
- सूर्योदय
- 5:23 पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- 6:45 अपराह्न
- चंद्रोदय
- 9:30 पूर्वाह्न
- चंद्रास्त
- 9:34 अपराह्न
पर्व का दिन
मंगल, 29 जुलाई का पंचांग
- तिथि
- पंचमी, फिर षष्ठी
- नक्षत्र
- उत्तरा फाल्गुनी
- योग
- शिव
- करण
- बव
- पक्ष
- शुक्ल
- मास
- श्रावण
- तिथि
- पंचमीआरंभ समाप्त फिर षष्ठीसमाप्त
- नक्षत्र
- उत्तरा फाल्गुनीआरंभ समाप्त
चौघड़िया, दिन और रात
दिन
- रोगबचें
- उद्वेगबचें
- चलसामान्य
- लाभउत्तम
- अमृतउत्तम
- कालबचें
- शुभउत्तम
- रोगबचें
रात
- कालबचें
- लाभउत्तम
- उद्वेगबचें
- शुभउत्तम
- अमृतउत्तम
- चलसामान्य
- रोगबचें
- कालबचें
कहानी
नाग पंचमी: महत्व और अनुष्ठान
हिंदू पौराणिक कथाओं में सर्पों का पवित्र स्थान है — शिव वासुकि को गले में धारण करते हैं, और विष्णु शेषनाग पर विश्राम करते हैं।
अनुष्ठान
दीवारों पर सर्प चित्र बनाएँ या जीवित या धातु की सर्प मूर्तियों की पूजा करें। दूध, हल्दी, फूल और चावल अर्पित करें। इस दिन भूमि न खोदें। नाग मंदिरों में जाएँ।
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