त्योहार गाइड
रक्षा बंधन 2023
रक्षा बंधन भाई-बहन के पवित्र बंधन का उत्सव है।
संपन्न
- तिथि
- बुध, 30 अगस्त 2023
- मुख्य मुहूर्त
- राखी बांधने का मुहूर्त · 9:02 अपराह्न – 7:05 पूर्वाह्न (अगले दिन)
दिन की योजना
शुभ समय और बचने योग्य समय
· वाराणसी का समय (भारतीय समय)
शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त45मि
- अमृत काल1घं 24मि
इन समयों से बचें
- यम गण्डम1घं 35मि
- दुर्मुहूर्त51मि
- राहु काल1घं 35मि
सूर्य और चंद्रमा
- सूर्योदय
- 5:37 पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- 6:19 अपराह्न
- चंद्रोदय
- 6:11 अपराह्न
- चंद्रास्त
- 5:31 पूर्वाह्न
पर्व का दिन
बुध, 30 अगस्त का पंचांग
- तिथि
- चतुर्दशी, फिर पूर्णिमा
- नक्षत्र
- धनिष्ठा
- योग
- अतिगंड
- करण
- वणिज
- पक्ष
- शुक्ल
- मास
- श्रावण
- तिथि
- चतुर्दशीआरंभ समाप्त फिर पूर्णिमासमाप्त
- नक्षत्र
- धनिष्ठाआरंभ समाप्त
चौघड़िया, दिन और रात
दिन
- लाभउत्तम
- अमृतउत्तम
- कालबचें
- रोगबचें
- शुभउत्तम
- उद्वेगबचें
- चलसामान्य
- लाभउत्तम
रात
- उद्वेगबचें
- शुभउत्तम
- अमृतउत्तम
- चलसामान्य
- रोगबचें
- कालबचें
- लाभउत्तम
- उद्वेगबचें
कहानी
रक्षा बंधन: महत्व और अनुष्ठान
बहनें भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र (राखी) बांधती हैं, जो प्रेम और भाई की रक्षा के संकल्प का प्रतीक है। पूरे भारत में मनाया जाता है।
अनुष्ठान
बहन भाई की आरती करे, तिलक लगाए और राखी बांधे। भाई उपहार दे और रक्षा का वचन दे। परिवार मिठाइयों के साथ उत्सव भोजन के लिए एकत्र हों।
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