त्योहार गाइड
रक्षा बंधन 2031
रक्षा बंधन भाई-बहन के पवित्र बंधन का उत्सव है।
1727 दिन शेष
- तिथि
- शनि, 2 अगस्त 2031
- मुख्य मुहूर्त
- राखी बांधने का मुहूर्त · 9:09 अपराह्न – 7:15 पूर्वाह्न (अगले दिन)
दिन की योजना
शुभ समय और बचने योग्य समय
· वाराणसी का समय (भारतीय समय)
शुभ मुहूर्त
- अभिजित मुहूर्त53मि
- ब्रह्म मुहूर्त43मि
- अमृत काल1घं 24मि
इन समयों से बचें
- दुर्मुहूर्त53मि
- दुर्मुहूर्त53मि
- राहु काल1घं 40मि
- यम गण्डम1घं 40मि
सूर्य और चंद्रमा
- सूर्योदय
- 5:25 पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- 6:43 अपराह्न
- चंद्रोदय
- 6:02 अपराह्न
- चंद्रास्त
- 5:24 पूर्वाह्न
पर्व का दिन
शनि, 2 अगस्त का पंचांग
- तिथि
- चतुर्दशी, फिर पूर्णिमा
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ा
- योग
- प्रीति
- करण
- वणिज
- पक्ष
- शुक्ल
- मास
- श्रावण
- तिथि
- चतुर्दशीआरंभ समाप्त फिर पूर्णिमासमाप्त
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ाआरंभ समाप्त
चौघड़िया, दिन और रात
दिन
- कालबचें
- शुभउत्तम
- रोगबचें
- उद्वेगबचें
- चलसामान्य
- लाभउत्तम
- अमृतउत्तम
- कालबचें
रात
- लाभउत्तम
- उद्वेगबचें
- शुभउत्तम
- अमृतउत्तम
- चलसामान्य
- रोगबचें
- कालबचें
- लाभउत्तम
कहानी
रक्षा बंधन: महत्व और अनुष्ठान
बहनें भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र (राखी) बांधती हैं, जो प्रेम और भाई की रक्षा के संकल्प का प्रतीक है। पूरे भारत में मनाया जाता है।
अनुष्ठान
बहन भाई की आरती करे, तिलक लगाए और राखी बांधे। भाई उपहार दे और रक्षा का वचन दे। परिवार मिठाइयों के साथ उत्सव भोजन के लिए एकत्र हों।
आगे देखें