त्योहार गाइड
राम नवमी 2029
राम नवमी भगवान विष्णु के सातवें अवतार भगवान राम के जन्म का उत्सव है।
908 दिन शेष
- तिथि
- सोम, 23 अप्रैल 2029
- मुख्य मुहूर्त
- पूजा मुहूर्त (मध्याह्न) · 10:38 पूर्वाह्न – 1:14 अपराह्न
दिन की योजना
शुभ समय और बचने योग्य समय
· वाराणसी का समय (भारतीय समय)
शुभ मुहूर्त
- अभिजित मुहूर्त52मि
- ब्रह्म मुहूर्त44मि
- अमृत काल1घं 33मि
इन समयों से बचें
- राहु काल1घं 37मि
- यम गण्डम1घं 37मि · पूजा मुहूर्त (मध्याह्न) के समय से टकराता है
- दुर्मुहूर्त52मि · पूजा मुहूर्त (मध्याह्न) के समय से टकराता है
- दुर्मुहूर्त52मि
सूर्य और चंद्रमा
- सूर्योदय
- 5:28 पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- 6:24 अपराह्न
- चंद्रोदय
- 1:09 अपराह्न
- चंद्रास्त
- 2:01 पूर्वाह्न
पर्व का दिन
सोम, 23 अप्रैल का पंचांग
- तिथि
- नवमी, फिर दशमी
- नक्षत्र
- आश्लेषा
- योग
- गंड
- करण
- कौलव
- पक्ष
- शुक्ल
- मास
- चैत्र
- तिथि
- नवमीआरंभ समाप्त फिर दशमीसमाप्त
- नक्षत्र
- आश्लेषाआरंभ समाप्त
चौघड़िया, दिन और रात
दिन
- अमृतउत्तम
- कालबचें
- रोगबचें
- शुभउत्तम
- उद्वेगबचें
- चलसामान्य
- लाभउत्तम
- अमृतउत्तम
रात
- चलसामान्य
- रोगबचें
- कालबचें
- लाभउत्तम
- उद्वेगबचें
- शुभउत्तम
- अमृतउत्तम
- चलसामान्य
कहानी
राम नवमी: महत्व और अनुष्ठान
उनका जन्म चैत्र शुक्ल नवमी को मध्याह्न में हुआ था। यह त्योहार धर्म की अधर्म पर विजय का प्रतीक है।
अनुष्ठान
सूर्योदय से सूर्यास्त तक व्रत रखें। मध्याह्न में राम पूजा करें, रामायण पाठ करें, भजन गाएँ, राम मंदिर जाएँ। बाल राम की मूर्ति को पालने में रखें।
व्रत
पूरे दिन का व्रत सूर्यास्त के बाद तोड़ा जाता है। जो पूर्ण व्रत नहीं रख सकते उनके लिए फल और दूध की अनुमति है।
स्थानीय रंग
वाराणसी में राम नवमी
वाराणसी में भव्य राम नवमी समारोह होते हैं। संकट मोचन मंदिर और तुलसी मानस मंदिर विशेष आयोजन करते हैं। सजे हुए रथों के साथ शोभा यात्रा पुराने शहर से गुज़रती है। रामनगर किले में भी समारोह होते हैं।
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